Women Reservation Law को लेकर चिदंबरम ने BJP को घेरा, कहा- ऐसे कानून का क्या फायदा जो...

Women Reservation Bill 2023: कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने शुक्रवार को महिला आरक्षण कानून (Women Reservation Law) को लेकर कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया यह कानून सिर्फ एक चुनावी जुमला है.

Published date india.com Published: September 30, 2023 6:54 AM IST
Women Reservation Law को लेकर चिदंबरम ने BJP को घेरा, कहा- ऐसे कानून का क्या फायदा जो...

Women Reservation Bill 2023: महिला आरक्षण विधेयक (Women Reservation Bill) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) की मंजूरी मिलने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदम्बरम (P. Chidambaram) ने भाजपा के खिलाफ जमकर हमला बोला. सरकार पर निशाना साधते हुए चिदम्बरम ने कहा कि यह विधेयक भले ही कानून बन गया है लेकिन यह कई सालों तक हकीकत नहीं बन पायेगा.

कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने X पर ट्वीट कर कहा कि सरकार ने दावा किया है कि महिला आरक्षण विधेयक (Women Reservation Bill) कानून बन गया है. लेकिन ऐसे कानून का क्या फायदा, जो सालों तक लागू ही नहीं किया जाएगा. चिदंबरम ने ट्वीट में आगे लिखा, निश्चित रूप से यह कानून 2029 लोकसभा चुनाव से पहले लागू नहीं हो पाएगा. यह सिर्फ चिढ़ाने जैसा है, जैसे पानी के कटोरे में चांद की परछाई दिखती है, वैसे ही केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया यह कानून सिर्फ एक चुनावी जुमला है.

दरअसल, शुक्रवार को विधि मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर बताया, कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) ने गुरुवार को महिला आरक्षण विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी. इसे अब आधिकारिक तौर पर संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम के रूप में जाना जायेगा. विधि मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार,‘आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित केंद्र सरकार की अधिसूचना की तारीख से यह प्रभावी होगा.’

मालूम हो ससंद के विशेष सत्र के दौरान, महिला आरक्षण से संबंधित 128वां संविधान संशोधन विधेयक को 21 सितंबर को राज्यसभा में मंजूरी मिल गई थी. इसके पक्ष में 214 वोट पड़े थे, जबकि किसी ने भी बिल के खिलाफ वोट नहीं डाला था. वहीं, 20 सितंबर को विधेयक को लोकसभा से मंजूरी मिल गई थी. लोकसभा में इसके पक्ष में 454 और विरोध में दो वोट पड़े थे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) ने बिल पर हस्ताक्षर किए, जिसके बाद से विधेयक कानून बन गया है.

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