नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उनकी उस टिप्पणी के लिए उन पर निशाना साधा कि अल्पसंख्यक समुदाय का कोई भी व्यक्ति संशोधित नागरिकता कानून से प्रभावित नहीं होगा और पूछा कि ऐसा है तो तो फिर मुसलमानों को इस कानून से बाहर क्यों रखा गया है. Also Read - 31 मई के बाद क्या चाहते हैं राज्य? गृह मंत्री अमित शाह ने पीएम मोदी को बताए मुख्यमंत्रियों के सुझाव


कोलकाता में एक रैली को संबोधित करते हुए, शाह ने अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को आश्वासन दिया कि संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) के कारण किसी भी व्यक्ति की नागरिकता नहीं जाएगी. पूर्व वित्त मंत्री ने ट्विटर पर एक पोस्ट में पूछा, ‘‘गृह मंत्री का कहना है कि सीएए से कोई अल्पसंख्यक प्रभावित नहीं होगा. अगर यह सही है, तो उन्हें देश को बताना चाहिए कि सीएए से कौन प्रभावित होगा. अगर सीएए से कोई भी प्रभावित नहीं होगा, जैसा कि वर्तमान में है, तो सरकार ने कानून क्यों पारित किया?

उन्होंने पूछा, ‘‘यदि सीएए का उद्देश्य सभी अल्पसंख्यकों को लाभ पहुंचाना है (गुह मंत्री के अनुसार, कोई भी प्रभावित नहीं होगा), तो मुसलमानों को अधिनियम में उल्लिखित अल्पसंख्यकों की सूची से बाहर क्यों रखा गया है?’’