नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी. चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया मामले में 106 दिन कैद की सजा भुगतने के बाद बुधवार की शाम तिहाड़ जेल से रिहा हो गए. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें दो लाख रुपये के निजी मुचलके और बिना इजाजत विदेश न जाने की शर्त पर जमानत दी है. उनके बेटे कार्ति चिदंबरम उन्हें लेने तिहाड़ पहुंचे और जेल के बाहर बड़ी संख्या में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया.

 

इससे पहले न्यायमूर्ति आर. भानुमती की अध्यक्षता वाली पीठ ने कांग्रेस नेता को आईएनएक्स मीडिया मामले के बारे में कोई सार्वजनिक बयान नहीं देने का निर्देश दिया. इसके साथ ही उन्हें गवाहों को डराने का प्रयास नहीं करने की नसीहत भी दी गई है. शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत पर कुछ शर्ते लगा दी हैं. चिदंबरम का पासपोर्ट जब्त कर लिया जाएगा और उन्हें बिना अनुमति के देश छोड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी. वह मीडिया को कोई साक्षात्कार भी नहीं देंगे. साथ ही उन्हें इस मामले में पूछताछ के लिए उपलब्ध रहना होगा.


शीर्ष अदालत ने दिया ये आदेश
शीर्ष अदालत ने कहा कि मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का जमानत आदेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. शीर्ष अदालत ने रजिस्ट्री को आदेश दिया कि वह सुनवाई के अंतिम दिन ईडी द्वारा बेंच को सौंपे गए सीलबंद कवर वापस करे, जिसमें मामले से जुड़े सबूत हैं.