नई दिल्ली. पांच राज्यों के चुनाव प्रचार के बीच प्रमुख पार्टियां एक दूसरे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं. शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को वंशवाद के मुद्दे पर घेरते हुए कहा था कि परिवार से बाहर किसी को 5 साल तक अध्यक्ष बनाए कांग्रेस. इस पर पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने उन्हें ट्वीट करके जवाब दिया है. चितंबरम ने कहा कि आजादी के बाद से 15 ऐसे अध्यक्ष हुए जो गांधी परिवार के नहीं थे. Also Read - मोदी के नेतृत्व में भारत की जनता के सामूहिक संकल्प से परास्त होगा कोरोना: शिवराज सिंह चौहान

चिदंबरम ने एक के बाद एक दो ट्वीट करके 15 अध्यक्षों के नाम गिनाए और बताया कि ये सभी गांधी-नेहरू परिवार के बाहर के सदस्य रहे हैं. इसमें आचार्य जेबी कृपलानी, पट्टाभि सितारमैया, पुरुषोत्तम दास टंडन, यूएन धेबर, नीलम संजीव रेड्डी, संजीवैहा, कामराज, एल निजलिंगप्पा, सी सुब्रमणियम, जगजीवन राम, शंकर दयाल शर्मा, डीके बरुआ, ब्रह्मानंद रेड्डी, पीवी नरसिम्हा राव और सीताराम केसरी शामिल है. Also Read - कोरोना से जंग: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जलाए दीये, तस्वीरें शेयर कर संस्कृत में लिखा ये संदेश

बता दें कि छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि मैं हर रोज अपने चार सालों का हिसाब देता हूं. वे कह रहे हैं कि नेहरू की वजह से एक चायवाला प्रधानमंत्री बन गया तो एक बार 5 साल के लिए अपने परिवार से बाहर के किसी सदस्य को अध्यक्ष बनाकर दिखा दो.

पीएम ने अपने विकास कार्यों को गिनाते हुए कहा कि नेहरू परिवार के चार लोगों के कार्यकालों और मेरे 4 साल के कार्यकाल की तुलना कर लो. देख लोग किसमें कितने शौचालय बने और कितना विकास हुआ. इतना ही नहीं पीएम ने ये भी कहा कि छत्तीसगढ़ का गठन अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में हुआ था तो कितनी शांति से हुआ. तेलंगाना का गठन कांग्रेस के दौरान हुआ तो कितनी हिंसा हुई.