चिदंबरम ने बताया लोकसभा चुनाव में जीत के लिए सबसे बड़ा फार्मूला, ऐसे जीतेगी कांग्रेस

कांग्रेस को दिखी बीजेपी को हराने के लिए 'बेरोजगारी' में सबसे बड़ी संभावना.

Updated: May 1, 2018, 10:45 AM IST

नई दिल्ली: कांग्रेस के सीनियर नेता पी चिदंबरम ने अगामी लोकसभा के लिए सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी को बताया है. उन्होंने कहा कि साल 2014 में पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, जिसके कारण बेरोजगारों ने बड़ी संख्या में बीजेपी को वोट दिया. लेकिन हुआ क्या ? लोगों को रोजगार मिलने की बजाय पहले की भी नौकरियां चली गईं. इससे युवाओं में आक्रोश है. उन्होंने कहा कि बेरोजगारी की भयावह समस्या को लेकर युवा इस बार नरेंद्र मोदी के खिलाफ वोट करेंगे.

पूर्व वित्त मंत्री ने आरोप लगाया, ‘ अजीबोगरीब बात यह है कि इस सरकार को रोजगार सृजन करने के बारे में पता ही नहीं है. भारत जैसे देश में जहां बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हैं और लोगों को नौकरी की जरूरत है, लेकिन बहुत सारी रिक्तियां होने के बावजूद उनको भरा नहीं जा रहा.’

सब नौकरी देंगे तो नौकरी कौन
चिदंबरम ने कहा, ‘यह कहने में अच्छा लगता है कि नौकरी देने वाले बनो, नौकरी मांगने वाले नहीं. यह सोचिए कि अगर सब नौकरी देंगे तो नौकरी कौन करेगा. दुनिया में ज्यादातर लोग नौकरियां करते हैं. भारत भी अलग नहीं है. दुनिया के हर देश के लिए रोजगार बड़ी चुनौती है.’

महिलाओं को जॉब से बढ़ेगी जीडीपी
चिदंबरम ने कहा कि अगर पुरुषों के अनुपात में महिलाएं भी नौकरी करें तो भारत की जीडीपी में 900 अरब डॉलर का इजाफा हो जाएगा.उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार के कार्यकाल में निवेश ना के बराबर है और इस सरकार ने बाजार में ‘मांग’ को ही खत्म कर दिया है.

थोड़ा दिमाग लगाए तो लाखों को नौकरियां
चिदंबरम ने कहा कि अगर थोड़ा सा दिमाग लगाया जाए तो लाखों लोगों को नौकरी मिल जाएगी. उन्होंने कहा देश में बेरोजगारी बड़ी समस्या है. आप कहीं भी चले जाइए, बड़ी संख्या में ऐसे युवा मिल जाएंगे, जिनके पास कोई काम नहीं है.’ उन्होंने कहा, ‘हर सरकारी विभाग में पद खाली हैं. देश में करीब एक लाख ऐसे स्कूल हैं जिनमें एक शिक्षक हैं. अगर ऐसे हर स्कूल में चार-चार शिक्षकों को नियुक्त कर दिया जाए तो चार लाख लोगों को नौकरी मिल जाएगी.’

बेरोजगारी पर एक नजर
– बेरोजगारी हमेशा सरकारी आंकड़ों से अधिक होती है
– मार्च 2018 में सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के मुताबिक देश में 3.1 करोड़ बेरोजगारी नौकरी की तलाश में है.
– वित्तीय वर्ष में 2018 के सिर्फ 600000 जॉब्स पैदा हो सके

( इनपुट- एजेंसी)

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