नई दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने शुक्रवार को कहा कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा के खिलाफ 25 फीसदी राज्यों में विपक्षी दलों के गठबंधन की ‘प्रबल संभावना’ है. उन्होंने अगला चुनाव चेहरों के बीच होने की संभावना से इनकार करते हुए कहा कि भारत में आम चुनाव भी राज्यों पर केंद्रित होते हैं और आगे भी ऐसा ही होगा.

अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल की पुस्तक ‘शेड्स ऑफ ट्रुथ’ के विमोचन के मौके पर चिदंबरम ने कहा, ‘‘हमारा प्रयास भाजपा के खिलाफ व्यापक गठबंधन बनाने का है. हम हर राज्य में गठबंधन का प्रयास कर रहे हैं. इसकी प्रबल संभावना है कि 25 फीसदी राज्यों में यह गठबंधन होगा.’’

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सिब्बल ने भी कहा, ‘‘2004 में भी चेहरे की बात की जा रही थी, लेकिन क्या हुआ? वाजपेयी जैसे कद्दावर नेता सामने थे और मीडिया के लोग आज की तरह सवाल पूछ रहे थे, लेकिन जनता ने हमें चुना.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह बहस होती रही है कि देश को मजबूत नेता की जरूरत है. 2014 से पहले मोदी और भाजपा कहते थे कि पूर्ण बहुमत की सरकार की जरूरत है क्योंकि गठबंधन वाली सरकार देश के लिए अच्छी नहीं होती. लेकिन इस पूर्ण बहुमत वाली सरकार ने साढ़े चार साल में क्या किया?’’

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सिब्बल ने कहा, ‘‘अब तक कई बड़े फैसले गठबंधन की सरकारों ने किए हैं. 1991 में उदारीकरण का कदम गठबंधन सरकार ने उठाया. 1997 में पी चिदंबरम ने जब ‘‘ड्रीम बजट’’ पेश किया तो गठबंधन सरकार थी. आरटीआई और मनरेगा जैसा कदम उठाया गया तो गठबंधन की सरकार थी.’’ उन्होंने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश और बिहार में गठबंधन होता है तो देश में भाजपा की सरकार नहीं बन सकती.