नई दिल्ली: पीएम केयर्स फंड ट्रस्ट (PM Cares Fund Trust) द्वारा प्रवासी मजदूरों के लिए 1000 करोड़ रुपए की घोषणा किए जाने के अगले दिन पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि पैसा सीधे राज्य सरकारों को जाएगा, न कि प्रवासियों के हाथों में जाएगा. पूर्व वित्तमंत्री ने एक बयान में कहा, “पीएम केयर्स ने प्रवासी मजदूरों के लिए 1000 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं. कृपया सामान्य गलती न करें. यह पैसा प्रवासी कामगारों को नहीं, बल्कि राज्य सरकारों को प्रवासी कामगारों के लिए यात्रा, आश्रय, चिकित्सा और भोजन पर खर्चो को पूरा करने के लिए दिया जाएगा, लेकिन प्रवासी कामगारों के हाथ में कुछ भी नहीं जाएगा.” Also Read - RBI Bonds scheme: छोटे निवेशकों को झटका, सरकार ने बंद की सुरक्षित निवेश की ये योजना, पूर्व वित्त मंत्री ने कही ये बात

चिदंबरम ने कहा कि एक प्रवासी मजदूर जो सभी बाधाओं को पार कर अपने गांव लौट आया है, उसके पास कोई रोजगार नहीं है. उसके पास कोई काम नहीं है और न ही कोई आमदनी है. वह कैसे अपना और अपने परिवार का गुजर-बसर करेगा? कांग्रेस उन प्रवासी मजदूरों के लिए पैकेज की मांग करती रही है. ये मजदूर देश के विभिन्न राज्यों से अपने गांव जाने के लिए सैकड़ों, हजारों किलोमीटर पैदल ही निकले पड़े हैं. Also Read - यूपी: श्रमिक ट्रेनों में भी मौत के मुंह में समा रहे मजदूर, एक ही दिन में तीन ट्रेनों में 6 की मौत

बता दें कि एक दिन पहले ही पीएम केयर फंड से प्रवासी मजदूरन के लिए एक हज़ार रुपए आवंटित करने का ऐलान किया गया था. लॉकडाउन के बाद पीएम मोदी ने लोगों से पीएम केयर फंड में रुपए दान करने को कहा था. इसके बाद देश के कई लोगों ने पीएम केयर फंड में रुपए भेजे थे. पीएम केयर फंड कोरोना संकट के बाद बनाया गया था. देश की कई बड़ी हस्तियों ने पीएम केयर फंड में करोड़ों रुपए दान किए. हालाँकि विपक्षी पार्टियाँ इस पर सवाल उठती रही हैं कि जब पहले से ही एक पीएम कोष मौजूद था तो नया कोष क्यों बनाया गया और इसे सूचना के अधिकार से बाहर क्यों रखा गया. पारदर्शिता को लेकर उठे सवाल के बीच कई लोग पीएम केयर फंड के हिसाब की मांग भी कर रहे हैं. Also Read - अखिलेश यादव 'सूटकेस वाले बच्चे' के परिवार को देंगे 1 लाख रुपए, बोले- जो सत्ता से दुखी, उनकी मदद करूंगा