नई दिल्ली. कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि उनके खिलाफ लगाए गए बेतुके आरोप के समर्थन में कार्रवाई करने को लेकर सीबीआई पर दबाव डाला गया. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के एयरसेल-मैक्सिस मामले में आरोपपत्र दाखिल करने के बाद उन्होंने यह बात कही है. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति के खिलाफ सीबीआई द्वारा पूरक आरोपपत्र दाखिल करने के तुरंत बाद पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि वह अदालत में इस मामले पर ‘मजबूती’ के साथ लड़ेंगे.

उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘मेरे और अच्छी छवि रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ बेतुके आरोप के समर्थन में आरोपपत्र दाखिल करने को लेकर सीबीआई पर दबाव डाला गया.’’ चिदंबरम ने कहा कि मामला अब अदालत के समक्ष है और वह पूरी मजबूती के साथ इस मुकदमे को लड़ेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘मैं अब कोई सार्वजनिक बयान नहीं दूंगा.’’

कुल 3,500 करोड़ रुपये के एयरसेल-मैक्सिस सौदे तथा 305 करोड़ रुपये के आईएनएक्स मीडया मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता की भूमिका जांच के घेरे में है. सीबीआई मामले में यह जांच कर रही है कि चिदंबरम जो कि 2006 में वित्त मंत्री थे, उन्होंने कंपनी को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की तरफ से मंजूरी किस प्रकार दे दी जबकि ऐसा करने का अधिकार केवल मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति के पास था.