नई दिल्ली: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने केंद्र द्वारा अपनी राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन के तहत घोषित पैकेजों को रविवार को खारिज कर दिया. इस मिशन के तहत कोरोनरी बाईपास (हृदयसंबंधी), घुटना प्रतिरोपण , स्टेंट आदि केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना की तुलना में 15-20 फीसद सस्ती दरों पर उपलब्ध होंगे. पिछले महीने राज्यों के साथ साझा किए गए 205 पन्नों के आदर्श निविदा दस्तावेज के अनुसार घुटने और कूल्हे प्रतिरोपण के लिए 9000 रुपये, स्टेंट के लिए 40000 रुपये, कोरोनरी आर्टरी बाइपास ग्राफ्टिं के लिए 1.10 लाख रुपये, सीजेरियन प्रसव के लिए 9000 रुपये, एकल स्टेंट के साथ कशेरुकी एंजियोप्लास्टी के लिए 50000 रुपये और गर्भाशयोच्छेदन के लिए 50,000 रुपये तय किए गए हैं. Also Read - Coronavirus Latest Update: महाराष्ट्र-दिल्ली में सख्ती, तो क्या अब गुजरात में लगेगा Lockdown?

क्या है समस्या
रविवार शाम यहां अपनी एक आपात बैठक में आईएमए ने कहा कि पैकेज की दरें अस्वीकार्य हैं लेकिन उसने 10 से अधिक बेड वो अस्पतालों को पैनल में डालने के केंद्र के फैसले का स्वागत किया. उसने कहा कि ये पैकेज दरें अस्वीकार्य हैं क्योंकि उससे मरीज पर अस्पताल में खतरे मंडराने लगेंगे क्योंकि इतनी सस्ती दरों में सेवाओं से समझौता करना होगा और ऐसे में बस भ्रष्टाचार पनपेगा. उसने वैज्ञानिक ढंग से मूल्य निर्धारण की मांग की. 20 राज्य इस योजना को लागू करने के लिए अपनी सहमति दे चुके हैं. Also Read - Ayushman Bharat Yojana: आयुष्मान भारत योजना के तहत हर माह अकाउंट में पहुंचेगे इतने हजार रूपए!

1350 बीमारियां होंगी कवर
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन नाम की इस योजना में सरकार ने 1350 बीमारियों के लिए एक हजार रुपए से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक के रेट तय किए हैं. इस योजना का लाभ दस करोड़ गरीब परिवारों को मिलेगा.मोदीकेयर के नाम से मशहूर हो रही इस योजना के ड्राफ्ट में 20 से ज्यादा बीमारियों की रोकथाम जैसे कार्डियोलॉजी, कैंसर केयर, न्यूरोसर्जरी और निओनेटल आदि को कवर किया गया है. इन बीमारियों के लिए कीमत को इलाज के आधार पर तय किया गया है. योजना के तहत बीमा कंपनी ऐसी बीमारियों के लिए पैसा देने के लिए बाध्य नहीं होगी जहां मरीज अस्पताल में भर्ती न हुआ हो, जन्मजात रोग हो, फर्टिलिटी से संबंधित समस्या हो, टीके लगने हो या आत्महत्या का केस हो. Also Read - Why doctors are on strike today: आखिर आज डॉक्टर्स क्यों हैं हड़ताल पर, इन 10 प्वाइंट्स में समझिए Mixopathy

15 अगस्त से लागू होगी योजना
प्रधानमंत्री मोदी 15 अगस्त को इस योजना की शुरुआत कर सकते हैं. सहमति पत्र के माध्यम से राज्य और केंद्र शासित क्षेत्र स्वास्थ्य कार्यक्रम को औपचारिक रूप से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे. सहमति पत्र में योजना को लागू करने में केंद्र और राज्यों तथा केंद्र शासित क्षेत्रों की भूमिका का वर्णन होगा. अन्य राज्यों के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए पूरे भारत में क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित करने की योजना है.