नई दिल्ली. देशभर में विरोध प्रदर्शन के बीच संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है लेकिन पद्मावत को लेकर शुरू हुआ उग्र आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है. वहीं पद्मावत को सुप्रीम कोर्ट की तरफ हरी झंडी मिलने के बावजूद करणी सेना की ओर से किए जा रहे विरोध और 4 राज्यों में फिल्म रिलीज नहीं होने पर अवमानना याचिका दाखिल की गई है. Also Read - CBI ने छत्तीसगढ़ का सेक्स सीडी केस को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की, CM भूपेश बघेल हैं आरोपी

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सुप्रीम कोर्ट 29 जनवरी को करणी सेना के सदस्यों के खिलाफ गुरुवार को पद्मावत की रिलीज में बाधा डालने के लिए अवमानना की दो याचिकाओं पर सुनवाई करेगी. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, ए.एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी.वाय. चंद्रचूड़ ने कहा कि याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई होगी. Also Read - हाथरस रेप केस के आरोपियों के समर्थन में करणी सेना, न्याय दिलाने को आंदोलन करेगी

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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में पद्मावत विवाद को लेकर 2 याचिकाएं डाली गई हैं. पहली याचिका में जिसमें राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और मध्य प्रदेश के खिलाफ अवमानना के मामले में याचिका दायर की गई है. इन राज्यों के सिनेमा मालिकों ने करणी सेना के विरोध के बाद फिल्म न दिखाने का फैसला लिया है. यह याचिका पुणे के सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला और मुंबई के वकील विनीत ढांडा ने याचिका दायर की हैं.

वहीं दूसरी याचिका में श्री राजपूत करणी सेना के कार्यकतार्ओं द्वारा व्यापक विरोध और बर्बरता का हवाला देते हुए याचिकाकतार्ओं ने तर्क दिया है कि उनके कृत्य सुप्रीम कोर्ट के 18 जनवरी के आदेश का उल्लंघन हैं. ढांडा ने श्री राजपूत करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कलवी, राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पाल और सदस्य करम सिंह के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही करने की मांग की है.