कोलकाता: विख्यात परमाणु वैज्ञानिक और परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ शेखर बसु का यहां एक निजी अस्पताल में बृहस्पतिवार को कोविड-19 से निधन हो गया. पद्मश्री से सम्मानित डॉ. बसु 68 वर्ष के थे. डॉ बसु ने भारत की परमाणु ऊर्जा से संचालित पहली पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत के निर्माण में बेहद अहम भूमिका निभाई थी. पीएम मोदी ने उनके निधन पर शोक जताया है.Also Read - कोई नहीं है टक्कर में, दुनिया के नंबर वन नेता हैं पीएम मोदी, बाइडन-जॉनसन सब रह गए पीछे, देखें तस्वीरें.

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. अधिकारी ने कहा, ‘डॉ बसु कोविड-19 और किडनी संबंधित अन्य रोग से पीड़ित थे. सुबह 4:50 मिनट पर उनका निधन हो गया.’ Also Read - कोरोना वायरस से संक्रमित हुए Harbhajan Singh, घर में ही किया गया क्‍वारंटीन

पीएम में ने ट्वीट किया, ”मैं परमाणु ऊर्जा वैज्ञानिक डॉ. शेखर बसु के निधन से दुखी हूं, जो एक प्रसिद्ध परमाणु वैज्ञानिक हैं, जिन्होंने भारत को परमाणु विज्ञान और इंजीनियरिंग में अग्रणी देश के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. हमारे विचार और प्रार्थना उनके परिवार और दोस्तों के साथ हैं. शांति!” Also Read - इंडिया गेट पर लगेगी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा, फिलहाल होलोग्राम स्टैच्यू दिखेगा; जानें क्या है होलोग्राम तकनीक

मैकेनिकल इंजीनियर डॉ बसु को देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में उनके योगदान के लिए जाना जाता है. उन्हें 2014 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था. भारत की परमाणु ऊर्जा से संचालित पहली पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत के लिए बेहद जटिल रिएक्टर के निर्माण में बसु ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.