कोलकाता: विख्यात परमाणु वैज्ञानिक और परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ शेखर बसु का यहां एक निजी अस्पताल में बृहस्पतिवार को कोविड-19 से निधन हो गया. पद्मश्री से सम्मानित डॉ. बसु 68 वर्ष के थे. डॉ बसु ने भारत की परमाणु ऊर्जा से संचालित पहली पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत के निर्माण में बेहद अहम भूमिका निभाई थी. पीएम मोदी ने उनके निधन पर शोक जताया है. Also Read - Schools Reopening: इस राज्‍य में नवंबर से खुलेंगे स्‍कूल, 9वीं से 12वीं, 6वीं से 8वीं कक्षा की तय हुईं तारीखें

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. अधिकारी ने कहा, ‘डॉ बसु कोविड-19 और किडनी संबंधित अन्य रोग से पीड़ित थे. सुबह 4:50 मिनट पर उनका निधन हो गया.’ Also Read - केशुभाई के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक, कहा- मेरे मेंटर चले गए, वो उत्कृष्ट नेता थे

पीएम में ने ट्वीट किया, ”मैं परमाणु ऊर्जा वैज्ञानिक डॉ. शेखर बसु के निधन से दुखी हूं, जो एक प्रसिद्ध परमाणु वैज्ञानिक हैं, जिन्होंने भारत को परमाणु विज्ञान और इंजीनियरिंग में अग्रणी देश के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. हमारे विचार और प्रार्थना उनके परिवार और दोस्तों के साथ हैं. शांति!” Also Read - भारत को मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन बनाने के लिए हमने रखी है मजबूत नींवः पीएम मोदी

मैकेनिकल इंजीनियर डॉ बसु को देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में उनके योगदान के लिए जाना जाता है. उन्हें 2014 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था. भारत की परमाणु ऊर्जा से संचालित पहली पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत के लिए बेहद जटिल रिएक्टर के निर्माण में बसु ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.