संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती पर सियासतदानों की नजरें लगातार टेढ़ी होती जा रही हैं. कई राज्यों के मुख्यमंत्री इस फिल्म के खिलाफ उतर आए हैं. इनका कहना है कि फिल्म के विवादित सीन हटाए बिना इसे किसी कीमत पर प्रदर्शित नहीं होने दिया जाएगा. आज मध्य प्रदेश और पंजाब के मुख्यमंत्रियों की तरफ से ऐसे बयान आए जो भंसाली और मेकर्स को और तनाव दे सकते हैं.Also Read - UP Corona Update: कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर बोले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, सतर्कता जरूरी और...

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने आज एक कार्यक्रम में ऐलान किया कि तथ्यों के साथ छेड़छाड़ हुई तो ये फिल्म मध्य प्रदेश में रिलीज नहीं होगी. शिवराज ने घोषणा की कि अगर इसमें ऐतिहासिक तथ्यों के साथ खिलवाड़ कर चित्तौड़ की महारानी (रानी पद्मावती) के सम्मान के खिलाफ दृश्य रखे गए तो उस फिल्म को मध्य प्रदेश में रिलीज करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. Also Read - UPTET Exam Update: एक माह के अंदर दोबारा होगा UPTET Exam, पेपर लीक कराने वालों के खिलाफ रासुका लगाएगी योगी सरकार

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चौहान ने मुख्यमंत्री आवास पर राजपूत समाज के सम्मेलन में यह घोषणा करते हुए कहा कि इतिहास पर जब फिल्में बनाई जाती हैं तो ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ कोई बर्दाश्त नहीं करेगा. पूरा देश एक स्वर में कह रहा है कि फिल्म में ऐतिहासिक मूल्यों से खिलवाड़ किया गया है. इसलिए मैं पूरे जोश और होश में यह कह रहा हूं कि ऐतिहासिक तथ्यों से खिलवाड़ कर अगर रानी पद्मावती के सम्मान के खिलाफ दृश्य रखे गएये हैं, तो उस फिल्म का प्रदर्शन मध्य प्रदेश की धरती पर नहीं होगा. 

Padmavati will not release not 1st December | विवादों से घिरी फिल्म ‘पद्मावती’ अब नहीं होगी 1 दिसंबर को रिलीज़, मेकर्स ने कर दी बड़ी गलती

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उन्होंने कहा कि भारतीय नारी अपने सम्मान की रक्षा के लिए राख के ढेर में तब्दील हो सकती है. महारानी पद्मावती भारतीय नारी का सच्चा प्रतिबिम्ब हैं. हम बचपन से रानी पद्मावती के त्याग और जौहर के बारे में पढ़ते आए हैं. मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही देश के वीरों की स्मृति में भोपाल में बनने वाले वीर भारत स्मारक स्थल में महारानी पद्मावती का भी स्मारक बनाने की घोषणा की. 

वहीं, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी कुछ ऐसे ही इरादे जाहिर किए. उन्होंने साफ कहा कि ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इस आधार पर जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं वह सही है. उधर, नेशनल कांफ्रेंस के नेता देवेंदर सिंह राणा ने जम्मू कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती को पत्र लिखकर विवाद खत्म होने तक पद्मावती को रिलीज की इजाजत न देने की मांग की है.

इससे पहले राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी रिलीज के दौरान कानून व्यवस्था का मसला उठा चुके हैं. इन सभी मुख्यमंत्रियों के एक साथ आ जाने से पद्मावती की रिलीज पर संकट और गहराता दिख रहा है, हालांकि फिल्म की रिलीज तारीख पहले ही आगे खिसकाई जा चुकी है. फिल्म के विरोध में उतरी करणी सेना और कुछ दूसरे संगठनों का गुस्सा अभी भी शांत नहीं हुआ है, उस पर नेताओं के बयान माहौल को और गर्म कर रहे हैं.