नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जम्मू और कश्मीर की यात्रा से एक दिन पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी से फोन पर बातचीत की. एआरवाई चैनल के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच कश्मीर के मसले पर बातचीत हुई. गिलानी ऐसे दूसरे नेता है जिनसे पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने संपर्क किया है. इससे पहेल कुरैशी ने हुर्रियत कांफ्रेंस के नेता मीरवाइज उमर फारूक से फोन पर बात की थी. भारत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी. गिलानी और कुरैशी के बीच बातचीत ऐसे समय में हुई है जब पीएम मोदी कश्मीर का एक दीवसीय दौरा करने वाले हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को तीन क्षेत्रों जम्मू, लद्दाख और कश्मीर घाटी का दौरा करेंगे. साथ ही वह 35 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और नौ हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्धघाटन करेंगे.मोदी रविवार को विजयपुर में जनसभा को संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री के दौरे से पहले अधिकारियों ने शनिवार को वरिष्ठ अलगाववादी नेता मिरवाइज उमर फारूक को नजरबंद कर दिया है. सैयद अली गिलानी, मिरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासिन मलिक की अध्यक्षता वाले एक अलगाववादी समूह ज्वाइंट रेजिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) ने रविवार में घाटी बंद का आह्वान किया है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और हुर्रियत कांफ्रेंस के नेता मीरवाइज उमर फारूक के बीच फोन पर हुई बातचीत और फिर पाकिस्तान के विदेश कार्यालय की ओर से इस बाबत जारी किए गए बयान पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी. मुख्य रूप से ‘बहुत सख्त’ संदेश देने के लिए यह प्रतिक्रिया जाहिर की गई ताकि कुछ ‘हदें’ पार नहीं की जानी चाहिए. सूत्रों ने बताया कि खासकर भारत ने मंगलवार को पाकिस्तान के उस बयान पर रोष व्यक्त किया जिसमें कश्मीर मुद्दे पर केंद्रित बातचीत का ब्योरा साझा किया गया.

विदेश सचिव विजय गोखले ने बुधवार की रात पाकिस्तानी उच्चायुक्त सोहैल महमूद को तलब किया और उनसे दो टूक कहा कि कुरैशी की हरकत भारत की एकता एवं क्षेत्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाने का ‘दुस्साहस’ है. पाकिस्तानी उच्चायुक्त को ‘आगाह’ किया गया कि ऐसा बर्ताव जारी रखने के नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं. यह पूछे जाने पर कि यदि पाकिस्तान ने भारत की चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया तो उसे कैसे ‘नतीजे’ भुगतने होंगे, इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि उन्हें इतनी छूट नहीं है कि वह ‘नतीजों’ का पैमाना बता सकें.