नई दिल्‍ली: जम्‍मू-कश्‍मीर में पुलवामा के आतंकी हमले को पाकिस्‍तान की स्‍वीकृति उसके लिए एक बड़ी मुश्‍किल बनती नजर आ रही है. पाकिस्‍तान को अपनी इस गलती का बड़ा खमियाजा भुगतना पड़ा सकता है. पाकिस्‍तान के खिलाफ भारत को एक मजबूत सबूत मिल गया है. इससे भारत पाक को आतंकी राष्‍ट्र के तौर पर ब्‍लैकलिस्‍ट करवाने में कामयाबी हासिल कर सकता है. पाकिस्‍तान के एक सीनियर मंत्री ने गुरुवार को जब यह सनसनीखेज खुलासा करते हुए स्वीकार किया कि 2019 में जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले के लिए उनका देश जिम्मेदार है. इसके तुरंत बाद भारत ने पहली प्रतिक्रिया दी है.Also Read - Cryptocurrency: सिंगापुर ने भी क्रिप्टो प्लेयर्स को विज्ञापनों के माध्यम से जनता को नहीं लुभाने की दी चेतावनी

भारत के विदेश राज्‍य मंत्री ने पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह अच्छा है कि पाक ने इसे स्वीकार किया है. हमारी सरकार इस स्‍वीकृति का उपयोग दुनिया को यह बताने में करेगी कि पाक FATF में ब्लैकलिस्ट किए जाने की आवश्यकता है. Also Read - भारत के खिलाफ वनडे सीरीज जीत से हमें काफी आत्मविश्वास मिलेगा: टेम्बा बावुमा

दरअसल, पाकिस्‍तान के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी ने नेशनल असेंबली में बहस के दौरान कहा, ‘हमने हिंदुस्तान को घुस कर मारा. पुलवामा में हमारी कामयाबी, इमरान खान के नेतृत्व में इस देश की कामयाबी है. आप और हम सभी इस कामयाबी का हिस्सा हैं.’ Also Read - ICC Test Championship Points Table (2021-23): शर्मनाक स्थिति में 'क्रिकेट का जनक' इंग्लैंड, एशेज सीरीज जीतकर जानिए किस स्थान पर ऑस्ट्रेलिया?

पाकिस्‍तानी मंत्री के बयान पर भारत के विदेश राज्‍यमंत्री और पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह ने कहा, सरकार ने शुरुआत में कहा था कि सभी बड़े पाकिस्तान की ओर इशारा करते हैं. यह अच्छा है कि पाक ने इसे स्वीकार किया है. मुझे यकीन है कि हमारी सरकार इस स्‍वीकृति का उपयोग दुनिया को यह बताने में करेगी कि पाक FATF में ब्लैकलिस्ट किए जाने की आवश्यकता है.

2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के शहीद होने के बाद दोनों देश जंग के मुहाने पर आकर खड़े हो गए थे.

प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी चौधरी का यह बयान विपक्षी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) नेता अयाज सादिक के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को रिहा करने की गुहार लगाई थी, जिन्हें 27 फरवरी, 2019 को पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों के साथ हवाई टकराव में उनका मिग-21 बाइसन लड़ाकू विमान गिर जाने के बाद पाकिस्तानी सेना ने हिरासत में ले लिया था.

भारतीय वायु सेना के विमानों ने 26 फरवरी 2019 को तड़के पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र के बालाकोट में स्थित जैश ए मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था.

सादिक ने जिस उच्चस्तरीय बैठक का जिक्र करते हुए यह दावा किया था, उसमें सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा भी शामिल थे. सादिक ने बैठक को याद करते हुए कहा, ”विदेश मंत्री (कुरैशी) ने हमसे कहा कि खुदा के वास्ते, उसे (अभिनंदन) को वापस जाने दीजिए, वरना भारत रात नौ बजे पाकिस्तान पर हमला कर देगा.”

पुलवामा हमले के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्री रहे चौधरी ने सादिक के बयान की आलोचना करते हुए उसे ‘अनुचित’ बताया है. अमेरिका के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी सरजमी को आतंकवादी समूहों की सुरक्षित पनाहगाह बनने से रोके और पुलवामा हमले के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाए.