नई दिल्ली: इसी साल 26 फरवरी को भारतीय सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी अड्डे पर एयर स्ट्राइक कर आतंकी कैपों को नष्ट कर दिया था. हालांकि उसके बाद से एक बार फिर से ये आतंकी कैंप दोबारा से एक्टिव हो रहे हैं. सरकारी सूत्रों के मुताबिक बालाकोट (पाकिस्तान) में 45-50 आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी शिविर में आत्मघाती हमलों की ट्रेनिंग ले रहे हैं. समाचार ऐजेंसी एएनआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से लिखा कि बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद द्वारा 45 से 50 आतंकवादी और आत्मघाती हमलावरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है.


बता दें कि इससे पहले खबरें आईं थीं कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में सर्दियों से पहले आतंकवादियों की घुसपैठ के लिए नियंत्रण रेखा के पास 20 आतंकी प्रशिक्षण शिविर और 20 आतंकी अड्डे (लॉन्च पैड) को सक्रिय किया है. फरवरी में पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकवादी हमले और उसकी प्रतिक्रिया में बालाकोट में भारतीय वायु सेना द्वारा किए गए हमले के बाद ये शिविर अस्थायी तौर पर बंद कर दिए गए थे. लेकिन ये फिर से सक्रिय हो गए हैं. यहां हर प्रशिक्षण शिविर और लॉन्च पैड में कम से कम 50 आतंकवादी हैं.

एक सुरक्षा अधिकारी ने खुफिया जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म किए जाने के बाद पाकिस्तानी एजेंसियां जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमला करने की साजिश कर रही थीं. दूर-दराज के क्षेत्रों में भी हमले की साजिशें हो रही थीं. हालांकि जब आतंकवादी कोई बड़ा हमला करने में विफल रहे तो अब पाकिस्तानी एजेंसियां जम्मू-कश्मीर में ज्यादा से ज्यादा आतंकवादी भेजने की ताक में है.