पाकिस्तान चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है. पाकिस्तान आर्मी ने मंगलवार को कहा है कि वह निष्पक्ष चुनाव के लिए 371,000 जवानों को तैनात करेगी. वहीं, उसने इस बात से साफ इनकार कर दिया कि वह किसी भी तरह से इमरान खान की पार्टी को सपोर्ट कर रही है. पाकिस्तानी सेना ने आज कहा कि देश की चुनावी प्रक्रिया में उनकी ‘कोई सीधी भूमिका’ नहीं होगी. बता दें कि पाकिस्तान में 25 जुलाई को चुनाव होने हैं.

सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफ्फूर ने कहा, ‘सशस्त्र बल चुनाव के आयोजन में सीधे तौर पर शामिल नहीं है. सेना पर ऐसे आरोप लग रहे थे कि वह मीडिया और सरकार पर चुनाव में हेरफेर करने का दबाव बना रही है.उन्होंने बताया कि सशस्त्र बल सिर्फ पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) की मदद करेगा क्योंकि आयोग ने सेना की मदद मांगी है.

बता दें कि पाकिस्तान की स्थापना के बाद से यहां सेना मजबूत स्थिति में रही है और पाकिस्तान में नीतियां निर्धारित करने में इसकी अहम भूमिका रही है. लंबे समय तक यह देश की सत्ता पर काबिज भी रही है. प्रवक्ता ने बताया कि यह पहला मौका नहीं है जब चुनावी प्रक्रिया की देखरेख के लिए सेना तैनात की गई हो.

उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि हम चुनाव से जुड़ी मुद्रित सामग्रियों को अपने पास नहीं रखेंगे. इस तरह के कार्य चुनाव आयोग के कर्मचारी करेंगे. उन्होंने कहा, ‘हमारी शीर्ष प्राथमिकता देश में शांति और सुरक्षा बनाने की है.’