भारत के खिलाफ नई साजिश में जुटा पाकिस्तान, लश्कर-ए-तैयबा और हमास में हुई दोस्ती, बैठक की तस्वीरें सामने आईं

हमास का सीनियर कमांडर नाजी जहीर बीते दिनों पाकिस्तान में था. यहां गुजरांवाला में पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (PMML) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नाजी जहीर ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडर राशिद अली संधू से मुलाकात की.

Published date india.com Published: January 8, 2026 1:54 PM IST
(पाकिस्तान में दिखा हमास का आतंकी)
(पाकिस्तान में दिखा हमास का आतंकी)

Pakistan-Hamas terror ties: दुनिया में आतंक की सबसे सुरक्षित ठिकाने के रूप में बदनाम हो चुके पाकिस्तान की असलियत एक बार फिर सबसे सामने आ गई है. पाकिस्तान अब विदेशी आतंकी संगठनों को भी पनाह देने लगा है. हाल ही में हमास और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडरों के बीच एक मीटिंग हुई जिसके तस्वीरें भी सामने आ गई हैं.

कहां और किससे मिले लश्कर के आतंकी?

हमास का सीनियर कमांडर नाजी जहीर बीते दिनों पाकिस्तान में था. यहां गुजरांवाला में पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (PMML) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नाजी जहीर ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडर राशिद अली संधू से मुलाकात की. पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग को लश्कर का राजनीतिक चेहरा माना जाता है.

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल है जिसमें राशिद अली संधू और नाजी जहीर एक ही मंच पर दिख रहे हैं. जानकारी के अनुसार हमास लीडर नाजी जहीर गुजरांवाला में PMML के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुआ था. खास बात ये है कि दोनों ही आतंकी अमेरिका द्वारा बैन हैं. फिर भी पाकिस्तान में ये खुलेआम बैठकें और जलसे कर रहे हैं जबकि अमेरिका और पाकिस्तान दोनों एक दूसरे का सहयोगी होने का दावा करते हैं.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, हमास के आतंकी जहीर ने  पहलगाम आतंकी हमले से कुछ हफ़्ते पहले, फरवरी 2025 में हमास के दूसरे कैडरों के साथ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) का दौरा किया था. इस दौरान जहीर ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के कमांडरों के साथ मिलकर भारत विरोधी रैली को संबोधित भी किया था.

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नाजी जहीर इससे पहले साल 2024 में भी पाकिस्तान आया था और कराची गया था. तब उसने कराची प्रेस क्लब में मीडिया से बात भी की थी. अप्रैल 2024 में इस्लामाबाद हाई कोर्ट बार एशोसिएसन ने जहीर को सम्मानित भी किया था.

इजरायल में 7 अक्टूबर के किए गए बर्बर आतंकी हमले के बाद 14 अक्टूबर को जहीर पाकिस्तान आया था और मौलाना फजलुर रहमान से मिला था. फजलुर रहमान पाकिस्तान की सबसे बड़ी इस्लामिक पार्टी जमीयत-उलेमा ए इस्लाम के नेता हैं. नाजी जहीर के पाकिस्तान में गहरे लिंक हैं. वह पाकिस्तान आता-जाता रहता है.

इजरायल की खुफिया एजेंसियों की जांच में ये भी सामने आ चुका है कि पाकिस्तानी सेना ने हमास के लड़ाकों को सैन्य ट्रेनिंग दी है. पाकिस्तानी आतंकवादी समूहों के मिडिल ईस्ट में मौजूद आतंकी समूहों से रिश्ते भी सामने आए हैं. अब ये भी सामने आ रहा है कि पाकिस्तानी सेना न सिर्फ हमास से मिली हुई है बल्कि यह इस्लामिक स्टेट से भी जुड़ी हुई है.

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