नई दिल्ली| पाकिस्तान की मिलिटरी कोर्ट ने कथित भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव को मौत की सजा सुनाई है. गौरतलब है कि ये आदेश उस वक्त आया है जब प्रधान मंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज एक महीने उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं होने की बात कह चुके हैं. कुलभूषण को भारतीय खुफिया एजेंसी (रॉ) का एजेंट होने के शक के आधार पर 2016 में गिरफ्तार किया गया था.Also Read - कुलभूषण जाधव को मौत की सजा के खिलाफ अपील करने का अधिकार मिला, पाकिस्तान ने बनाया कानून

सरताज अजीज ने दिसंबर में पाकिस्तानी संसद के उच्च सदन सीनेट में कहा था कि कुलभूषण जाधव केस की फाइल में केवल बयान निहित हैं, उनके इसमें उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला है. इसके बाद पाकिस्तान उन्हें भारत को वापस सौंपने के विषय में भी विचार कर रहा था, लेकिन हाल ही में पाकिस्तान अपने वादे से मुकर गया है. लेकिन पाकिस्तान की कहानी और दलीलों में कई झोल हैं. Also Read - पाकिस्तान में ये क्या हो रहा है, अब ईशनिंदा के आरोप में महिला प्रिंसिपल को सजा-ए-मौत

1- जब से उन्हें गिरफ्तार किया गया है उन्हें भारतीय राजनयिक से नहीं मिलने दिया गया. मार्च 2016 के बाद से भारत की ओर से कम से कम 6 बार इस संबंध में नोट भेजा जा चुका है लेकिन सब बेकार रहा. पाकिस्तान ने इसे हर बार नजरअंदाज कर दिया. Also Read - Akshay Kumar ने दिल्ली में लॉन्च किया 'बेल बॉटम' का ट्रेलर, बताया OTT पर क्यों रिलीज़ नहीं हो सकती फिल्म

2- ओपन ट्रायल की बजाय जाधव के केस की सुनवाई पाकिस्तानी सैन्य अदालत में की गई जहां आतंकवादियों के मामलों की सुनवाई की जाती है. इसके अलावा सुनवाई को गुप्त रखने की कोशिश भी की गई.

जाधव पर पाकिस्तान आर्मी एक्ट के फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल के जरिए मुकदमा चलाया गया और मौत की सजा सुनाई गई. सोमवार को आर्मी चीफ जनरल कमर अहमद बाजवा ने इस आदेश की पुष्टि की है. यह भी बताया गया कि जाधव पर सभी आरोप साबित हुए हैं. उन्होंने मजिस्ट्रेट और कोर्ट के सामने कबूल किया कि रॉ ने उन्हें विध्वंसक और जासूसी गतिविधियों को प्लान करने, कोऑर्डिनेट करने और ऑर्गेनाइज करने की जिम्मेदारी दी थी.

वीडियो में कबूल किया था अपराध
कुछ दिन पहले पाकिस्तान द्वारा कुलभूषण जाधव का एक वीडियो जारी किया गया था जिसमें वे जासूस होने की बात स्वीकार करते हुए दिख रहे थे. हालांकि विदेश मंत्रालय ने इसे सही मानने से इंकार कर दिया था. मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि यह वीडियो सिखा पढ़ाकर तैयार किया गया है और उसे कुलभूषण की चिंता है.

कौन हैं कुलभूषण?
महाराष्ट्र के कोल्हापुर के रहने वाले कुलभूषण भारतीय नौसेना में अधिकारी रह चुके हैं. सेवानिवृत होने के बाद उन्होंने बिजनेस शुरू किया. इसी सिलसिले में वे अक्सर विदेश जाते रहते थे. इसी दौरान बीते साल 3 मार्च को बलूचिस्तान में ईरान से प्रवेश करते वक्त उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. जबकि भारत सरकार का मानना है कि उन्हें ईरान से गिरफ्तार किया गया है. पाकिस्तान ने उन पर जासूसी का आरोप लगाते हुए उन्हें रॉ का एजेंट बताया है.