नई दिल्ली: पाकिस्तान अपनी तरफ झुकाव रखने वाले भारतीय कश्मीरी युवकों की पीढ़ी तैयार करने के लिए उन्हें छात्रवृत्ति की पेशकश कर रहा है. छात्र वीजा पर पाकिस्तान गए ज्यादातर युवक आतंकवादियों के रिश्तेदार हैं. यह बात राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकी वित्तपोषण मामले में दाखिल आरोपपत्र में कही है.Also Read - 75 साल से आर्टिकल 370 के रहते जम्मू कश्मीर में शांति क्यों नहीं थी? : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूछा

एनआईए के अनुसार, “जांच के दौरान पता चला कि जो युवक छात्र वीजा पर पाकिस्तान गए हैं, वे या तो पूर्व आतंकवादियों के या सक्रिय आतंकवादियों के रिश्तेदार हैं, जो कई आतंकी गतिविधियों में संलिप्त हैं और पाकिस्तान में शरण लिए हुए हैं. वे वहां हुर्रियत नेता के तौर पर पहचाने जाते हैं.” Also Read - Scholarship Scheme: अब छात्रों को मिलेगी 100 फीसदी तक स्कॉलरशिप, जानें क्या है राज्य सरकार की योजना

जांच एजेंसी ने यह भी दावा किया कि इन युवाओं के वीजा आवेदन के लिए कई हुर्रियत नेता नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायुक्त में सिफारिश भी करते हैं, जिसमें हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी भी शामिल हैं. Also Read - जम्मू कश्मीर पर टिप्पणियों के लिए भारत ने ‘OHCHR’ पर साधा निशाना, कहा- सीमा पार आतंकवाद के कारण...

अदालत में 18 जनवरी को दाखिल आरोपपत्र में खुलासा हुआ है कि कई युवक, जो पाकिस्तान जाते हैं, वह पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले हुर्रियत नेताओं के सहयोग से अपने दाखिला संबंधी कार्य करवाते हैं.

एनआईए ने कहा कि पाकिस्तान सरकार की कई परियोजनाओं के अंतर्गत उन्हें वहां एमबीबीएस और इंजीनियरिंग सीटें उपलब्ध करवाई जाती हैं.

एनआईए के आरोपपत्र की प्रति आईएएनएस के पास भी है, जिसमें कहा गया है, “यह त्रिकोणीय गठजोड़ की ओर इशारा करता है, जहां आतंकवादी, हुर्रियत और पाकिस्तानी प्रतिष्ठान तीन केंद्रों में हैं और ये सभी मिलकर कश्मीर में डॉक्टरों और इंजीनियरों की ऐसी पीढ़ी पैदा कर रहे हैं, जिसका झुकाव पाकिस्तान की तरफ होगा.”

एनआईए ने नईम खान के घर से ऐसे दस्तावेज जब्त किए थे, जिसमें पाकिस्तान स्थित एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में एक छात्रा के दाखिले की इस आधार पर सिफारिश की गई थी कि उसका परिवार कश्मीर में स्वतंत्रता संघर्ष के लिए हर तरह से प्रतिबद्ध है.

एनआईए के अनुसार, इसी तरह का एक दस्तावेज शाहिद-उल-इस्लाम के घर से जब्ज किया गया था, जिसमें हुर्रियत नेता वीजा जारी करने के लिए पाकिस्तानी उच्चायोग को सिफारिश भेज रहे थे.

आरोपपत्र में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी हाफीज सईद और सैयद सलाहुद्दीन व सात अन्य कश्मीरी अलगाववादियों समेत तीन अन्य के नाम हैं.

आरोपपत्र में हुर्रियत के जिन नेताओं के नाम हैं, उनमें अफताब हिलाली ऊर्फ शाहिद-उल-इस्लाम, एयाज अकबर खांडेय, फारूक अहमद डार ऊर्फ बिट्टा कराटे, नईम खान, अल्ताफ अहमद शाह, राजा मेहराजुद्दीन कलवल और बशीर अहमद भट ऊर्फ पीर सैफुल्लाह शामिल है.एनआईए ने इसके अलावा व्यापारी जहूर अहमद वताली और पथराव करने वाले दो युवकों- कामरान और जावेद अहमद भट के खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल किया है.