जम्मू: पाकिस्तान ने ड्रोन का इस्तेमाल कर प्रदेश के रजौरी जिले में नियंत्रण रेखा के निकट हथियार और कुछ भारतीय रुपए गिराए और उसे उठाने वाले लश्कर ए तैयबा के तीन आतंकवादियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने शनिवार को बताया कि पुलिस एवं 38 राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने जम्मू क्षेत्र के रजौरी सेक्टर में समन्वित संयुक्त अभियान चलाया, जिसके बाद यह सफलता शुक्रवार की शाम को मिली. इससे केंद्र प्रशासित प्रदेश में अशांति एवं हिंसा फैलाने की पाकिस्तान की मंशा नाकाम हो गई. Also Read - US Election: भारतवंशी निक्की हेली का दावा, अमेरिका ने तोड़ी पाकिस्तान की कमर, बंद की अरबों की फंडिंग

डीजीपी ने बताया कि लश्कर के ये सभी तीन आतंकवादी कश्मीर के रहने वाले हैं और ये ड्रोन का इस्तेमाल कर भारतीय क्षेत्र में पाकिस्तान द्वारा गिराई गई इस खेप को लेने के लिए आए थे. Also Read - आतंकी आकाओं पर लगाम लगाने में फेल इमरान, FATF की ग्रे लिस्ट में ही रहेगा पाकिस्तान

रजौरी एवं पुंछ जिलों में यह तीसरा सफल अभियान था
इस दौरान सिह के साथ जम्मू संभाग के पुलिस महानिरीक्षक मुकेश सिंह भी मौजूद थे. पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि 11 सितंबर के बाद रजौरी एवं पुंछ जिलों में यह तीसरा सफल अभियान था. इससे पहले पुंछ जिले के बालाकोट सेक्टर में दो लोगों से भारी मात्रा में हथियार एवं कारतूस की खेप बरामद की गई थी, इसके तीन दिन बाद सुरक्षा बलों ने रजौरी जिले में 11 करोड़ रुपए मूल्य की 11 किलोग्राम हेरोईन बरामद की गई.

पाकिस्तान और उसकी एजेंसियां हमेशा सक्रिय रहती हैं
डीजीपी ने बताया, पाकिस्तान एवं इसकी एजेंसियां हमेशा सक्रिय रहती हैं और जम्मू कश्मीर में कानून व्यवस्था एवं शांति भंग करने के लिये हर प्रयास कर रही है. ये एजेंसियां ​इस तरफ हथियार एवं नशीले पदार्थ भेजने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है और रजौरी एवं पुंछ जिलों से आतंकवादियों को भी भेज रही है. संघर्ष विराम के उल्लंघनों में वृद्धि इसी का परिणाम है जो लगभग रोज हो रहा है.

लश्कर के तीन आतंकवादियों की गिरफ्तारी
हालांकि, डीजीपी ने कहा कि पाक की नापाक मंशा को नाकाम करने कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस, सेना और अन्य बल एक साथ काम कर रहे हैं. हम अभियानों के लिए बेहतर तालमेल के साथ काम कर रहे हैं और लश्कर के तीन आतंकवादियों की गिरफ्तारी और हथियारों एवं कारतूस तथा हेरोईन की खेपों की बरामदगी इसकी का परिणाम हैं. हमें कुछ लोगों के संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी और उसके अनुसार हमने घेराबंदी की और तलाश अभियान चलाया.

तीन आतंकियों ने हथगोला फेंका, 2 एके-56 राइफल, 2 पिस्तौल, 4 हथगोला
तीन लोगों को थैले के साथ इधर उधर जाते दिखे तो उन्‍हें रुकने के लिए कहा गया. इस पर उन्होंने हथगोला फेंका जो सौभाग्य से नहीं फटा और तीनों को काबू कर लिया गया. बैग की तलाशी ली गई तो उसमें से 2 एके-56 राइफल, 2 पिस्तौल, 4 हथगोला और एक लाख भारतीय रुपया बरामद किया गया, जो हिंसा फैलाने के लिए तस्करी कर पाकिस्तान से लाया गया था.

एलओसी पर हथियारों की खेप में ड्रोन का इस्‍तेमाल किया
डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि नियंत्रण रेखा के इस तरफ यह खेप ड्रोन का इस्तेमाल कर गिराया गया था और कश्मीर के रहने वाले ये तीनों उसे उठाने आए थे. उन्होंने कहा, उनसे पूछताछ जारी है और विस्तृत जानकारी बाद में दी जाएगी.

रजौरी एवं पुंछ में आतंकवादी जीवित करने की कोशिश कर रहा पाक
डीजीपी ने कहा कि रजौरी एवं पुंछ जिलों में आतंकवाद को दोबारा जीवित करने के लिए पाकिस्तान अपनी ओर से हर संभव प्रयास कर रहा है. इन दोनों जिलों में एक दशक पहले आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त किया जा चुका है. ये दोनों जिले जम्मू संभाग में आते हैं.

ड्रोन से हथियारों का गिराया जाना एक बड़ी चुनौती
डीजीपी ने बताया, ‘रजौरी एवं पुंछ के लोग शांति प्रिय हैं और वे पाकिस्तान को उसकी मंशा में कामयाब नहीं होने देंगे. कुछ ऐसे तत्व हैं, जिनके साथ हम सख्ती से निपटेंगे.’ ड्रोन से हथियारों का गिराया जाना एक बड़ी चुनौती है, यह जिले में पहला ऐसा मामला है जब ऐसी घटना हुई है, जिसे विफल कर दिया गया है.