उरी: पिछले दिनों बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई से घबराया पाकिस्तान एक बार फिर से अपनी पुरानी हरकतों पर उतर आया है. गुरुवार को पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी उकसावे के जम्मू-कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल के पास फिर से फायरिंग की है. बारामूला जिले के उरी सेक्टर के कमल कूट इलाके में पाकिस्तानी सेना ने संघर्षविराम का फिर से उल्लंघन किया है. पाकिस्तानी सेना ने लाइन ऑफ कंट्रोल के पास ऑटोमैटिक हथियारों और शैलिंग मोर्टार से हमला कर सीजफायर का उल्लंघन किया है. Also Read - Sarkari Results 2020: BSF Constable Tradesman 2020 Results: BSF ने जारी किया Constable Tradesman 2020 का फाइनल रिजल्ट, ऐसे करें चेक

लगातार हो रही है फायरिंग
बुधवार को भी पाकिस्तान की फायरिंग में जम्मू कश्मीर के सांबा इलाके में तीन स्थानीय नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी, इसके अलावा इस हमले में कई स्थानीय लोग घायल भी हुए थे. बुधवार को ही कठुआ के हीरानगर सेक्टर में हुई पाकिस्तानी फायरिंग में एक स्थानीय नागरिक मारा गया था जबकि दो स्थानीय नागरिक घायल हुए थे.

पाक की गोलीबारी में सात महीने के बच्‍चे की मौत, तलब किए गए उच्‍चायुक्‍त

पाकिस्तान पिछले कुछ हफ्तों से जम्मू कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल के पास हीरानगर, सांबा, रामगढ़, अरनिया और सुचेतगढ़ इलाकों में लगातार भारी गोलीबारी कर सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है. पाकिस्तान की तरफ से लगातार हो रही फायरिंग की वजह से सांबा और कठुआ जिले में कई घरों को नुकसान भी पहुंचा है और लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित ठिकानों पर जाने को मजबूर हो रहे हैं.

बच्चे भी बन रहे हैं निशाना
21 मई को जम्मू-कश्मीर के भिंबेर सेक्टर में सीमापार से हुई पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की गोलीबारी में सात महीने के एक बच्चे की मौत हो गई थी जिसपर भारत ने कड़ा एतराज जताया था. भारत ने इस मसले पर बुधवार को पाकिस्तान के उप उच्चायुक्त सैयद हैदर शाह को तलब किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि शाह से कहा गया कि पाकिस्तानी बलों द्वारा छोटे हथियारों और भारी हथियारों का इस्तेमाल करते हुए निर्दोष आम नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाना बेहद निंदनीय है.

भारत ने जताया विरोध
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बिना किसी उकसावे के लगातार जारी गोलीबारी और संघर्ष विराम उल्लंघन को लेकर भी हमारी गंभीर चिंताएं साझा की गईं. मंत्रालय ने कहा कि नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी बलों ने इस साल अब तक इस तरह के 1,088 उल्लंघन किए हैं जिनके कारण 36 लोग मारे गए और 127 घायल हो गए. मंत्रालय ने कहा, ‘‘2018 में भारतीय सुरक्षा बलों ने 53 आतंकियों की घुसपैठ की कोशिशें नाकाम कीं और नियंत्रण रेखा पार करते समय पांच आतंकियों को मार गिराया.’’