कराची: पाकिस्तान में कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित सिंध प्रांत के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन में कटौती का निर्णय लिया गया है. प्रांत की सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए विशेष कोष बनाने का फैसला किया है. इस कोष के लिए सरकारी कर्मचारियों के वेतन से कटौती की जाएगी. प्रांत के मंत्रियों के वेतन से भी कटौती की जाएगी. पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. Also Read - कोरोनावायरस: बायो सूट के बाद अब DRDO ने विकसित की सैनेटाइज करने की नई तकनीक

रिपोर्ट के मुताबिक, सिंध की सरकार ने ‘कोरोना वायरस रिलीफ फंड’ बनाने का फैसला किया है. इसके लिए धन इकट्ठा करने के तहत सरकारी कर्मचारियों व प्रांतीय मंत्रियों के वेतन से धन काटा जाएगा. सरकार ने इस आशय की अधिसूचना भी जारी कर दी है. सिंध के गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि ग्रेड एक से ग्रेड 16 तक के कर्मचारियों के वेतन में से पांच फीसदी, ग्रेड 17 से ग्रेड 20 तक के अफसरों के वेतन मे 10 फीसदी और ग्रेड 21 के अफसरों के वेतन में से 25 फीसदी कटौती की जाएगी. अधिसूचना में कहा गया है कि ग्रेड 22 के अफसरों के वेतन में पूरी सौ फीसदी की कटौती की जाएगी. यह कटौती एक माह के वेतन में से की जाएगी. Also Read - COVID-19: कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में आगे आया IOA, जुटाए 71 लाख रुपये

कटौती मार्च महीने के वेतन से
अधिसूचना में कहा गया है कि प्रांत की सरकार के मंत्रियों और सरकारी सलाहकारों की भी एक महीने की पूरी तनख्वाह कोरोना से निपटने के लिए बनाए गए फंड में डाली जाएगी. अधिसूचना के मुताबिक, यह कटौती मार्च महीने के वेतन से की जाएगी. इस कटौती से मिलने वाली रकम को कोरोना वायरस रिलीफ फंड में डाला जाएगा. इसका इस्तेमाल बीमारी से बचाव, मरीजों के इलाज और इससे प्रभावित गरीब लोगों को राहत देने पर किया जाएगा. Also Read - ओडिशा में कोविड-19 के 15 नए मामले, राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 20 हुई