मुंबई: भारतीय तटरक्षक ने मंगलवार तड़के एक बड़े अभियान के तहत 200 किलोग्राम हेरोइन के साथ एक पाकिस्तानी मछली पकड़ने वाली नौका को जब्त कर लिया. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में हेरोइन की कीमत 600 करोड़ रुपये आंकी गई है. इसे एक भारतीय ग्राहक को दिया जाने वाला था. तटरक्षक के अतिरिक्त महानिदेशक (वेस्टर्न सीबोर्ड) के. नटराजन ने कहा, “सोमवार शाम को एक खुफिया जानकारी के आधार पर तट रक्षकों ने पाकिस्तानी नौका ‘अल मदीना’ को अपने कब्जे में ले लिया. इसके सदस्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. Also Read - मुंबई आतंकी हमले में वांछित तहव्वुर राणा फेडरल कोर्ट का फैसला आने तक US में ही रहेगा

पाकिस्तानी नौका से हेरोइन लेने की फिराक में वहां मौजूद भारतीय नौका के 13 कर्मियों को भी गिरफ्तार किया गया है. राजस्व खुफिया विभाग (डीआरआई) और अन्य एजेंसियों को एक खुफिया जानकारी मिली थी कि एक पाकिस्तानी मछली मारने वाली नौका एक भारतीय मछली मारने वाली नौका को मादक पदार्थ की एक बड़े खेप की आपूर्ति करने वाली है. तटरक्षकों ने पाकिस्तान की सीमा से लगे दक्षिण पश्चिम गुजरात के कच्छ क्षेत्र में अरब सागर के जखाऊ क्षेत्र में नौकाओं को डायवर्ट कर दिया. Also Read - Video: चीन के बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर भारत-US ने हिंद महासागर में किया संयुक्‍त युद्धाभ्‍यास

इससे पहले मंगलवार को एक तटरक्षक नौका ने ‘अलमदीना’ को रोका जिसने बच निकलने का काफी प्रयास किया. इस दौरान नौका पर मौजूद सदस्यों ने मादक पदार्थ को फेंक दिया, लेकिन तटरक्षक टीम ने बाद में मादक पदार्थ को प्राप्त कर लिया. तटरक्षक जहाजों ने लगातार नौका का पीछा किया और अंधेरे के बीच मुश्किल परिस्थिति में भारतीय सीमा के अंदर ही नौका को पकड़ने में सफलता पाई. Also Read - COVID19 Cases: डेल्‍टा की आशंका के बीच देश में कोरोना के 54,069 नए केस, 1321 मौतों, एक्‍ट‍िव मरीज 6.27 लाख

नटराजन ने कहा कि तटरक्षक द्वारा मादक पदार्थ परीक्षण किट की मदद से जांच के बाद पता चला कि यह लगभग 200 किलोग्राम हेरोइन है जो 195 पैकेटों में मौजूद है. पाकिस्तानी नौका की वृहत पैमाने पर जांच की जा रही है और इसके सदस्यों से आगे की जानकारी के लिए पूछताछ की जा रही है. नटराजन ने कहा, बीते मार्च में तटरक्षक बल और आतंकवाद विरोध दस्ते के एक टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर गुजरात तट के पास 100 किलोग्राम हेरोइन बरामद किया था, जिसकी कीमत 300 करोड़ रुपये थी.