पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की नई साजिश, इस्लामिक स्टेट से हाथ मिलाया, जानिए अब क्या प्लान कर रहा है मुनीर

Written By: Shivendra Rai Updated by: Shivendra Rai
Updated Date:January 22, 2026 2:07 PM IST

ISI के इशारे पर लश्कर-ए-तैयबा ने जम्मू-कश्मीर के अंदर फिदायीन मॉड्यूल को एक्टिवेट करने के लिए ISKP के साथ हाथ मिलाया है. ISI ने खैबर जिले के पहाड़ी इलाके में दोनों आतंकी सगठनों का एक संयुक्त अड्डा बनाया है.

जम्मू-कश्मीर को अस्थिर करने की साजिशें पाकिस्तान कई दशकों से कर रहा है. इसके लिए पाकिस्तानी सेना लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों का इस्तेमाल करती रही है. लेकिन, अब किस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने जम्मू-कश्मीर में बड़े आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए खतरनाक प्लान बनाया है. भारतीय खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के अनुसार, ISI ने लश्कर के बाद इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रोविंस (ISKP) के साथ भी हाथ मिला लिया है.

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ISI ने बनाया नया जॉइंट हेडक्वार्टर

एबीपी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के खैबर जिले के पहाड़ों में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रोविंस (ISKP) का एक जॉइंट हेडक्वार्टर शुरू किया है. खैबर पख्तूनख्वा प्रांत पाकिस्तान में आतंकियों की सबसे सुरक्षित पनाहगाह है. दो कुख्यात और खूंखार आतंकी संगठनों को एक साथ लाने के पीछे आईएसएआई की मकसद जम्मू-कश्मीर में बड़े आतंकी हमलों को अंजाम देना है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि ISI के इशारे पर लश्कर-ए-तैयबा ने जम्मू-कश्मीर के अंदर फिदायीन मॉड्यूल को एक्टिवेट करने के लिए ISKP के साथ हाथ मिलाया है. ISI ने खैबर जिले के पहाड़ी इलाके में दोनों आतंकी सगठनों का एक संयुक्त अड्डा बनाया है. यह इलाका लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय निगरानी से बाहर रहा है. इस नए हेडक्वार्टर की कमान हाफिज जुबैर मुजाहिद नाम के आतंकी को सौंपी गई है जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है. इसी हाफिज जुबैर ने ISKP की मदद से अफगानिस्तान के अंदर भी हमले कराए थे.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद ISI ने बदली रणनीति

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के अंदर स्थित आतंकी ठिकानों पर हमले किए थे. इसमें लश्कर का मुरीदके स्थित मरकजे तैयबा और जैश का बहावलपुर स्थित हेडक्वार्टर शामिल था. ऑपरेशन सिंदूर के बाद ISI के समझ आ गया कि अब आतंकी ठिकानों को भारतय सेनाओं से बचाना आसान नहीं होगा. यही कारण है कि बदली हुई रणनीति के तहत पाकिस्तानी सेना और ISI ने आतंकी कैंपों और ट्रेनिंग सेंटर्स को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में शिफ्ट कर दिया है.

भारतीय सेना ने कस दिया है शिकंजा

इन दिनों जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बल बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियान चला रहे हैं. खासकर जम्मू के ऊंचे पहाड़ी और जंगल वाले इलाकों में. इन दिनों इंटरनेशनल बॉर्डर (आईबी) और लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन गतिविधि भी बढ़ गई है. हाल ही केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ सुरक्षा को लेकर बैठक की. बैठक में पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने, सुरक्षा स्थिति की समीक्षा, सीमाओं पर चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों और ड्रोन घुसपैठ का मूल्यांकन किया गया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद हालात पर नजर रखे हुए हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा बलों को मिशन मोड में आतंकवादी इंफ्रास्ट्रक्चर, ओवरग्राउंड वर्कर्स और टेरर फाइनेंसिंग को निशाना बनाने वाले ऑपरेशन जारी रखने का निर्देश दिया है.

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