नई दिल्ली: पाकिस्तान में आतंकी हाफिज सईद की रैली में शामिल होने वाले फिलीस्तीन के राजदूत वालिद अबु अली को भारत की आपत्ति के बाद वापस बुलाया जा चुका है. लेकिन इस संबंध में पाक मीडिया ने रविवार को दावा किया कि उन्हें पुन: पाकिस्तान भेज दिया गया. इसे लेकर अब फिलीस्तीन की ओर से इस बात को सिरे से खारिज कर दिया गया.

नई दिल्ली स्थित फिलीस्तीन दूतावास ने कहा, ” हमें यह नहीं पता है कि आपको फिलिस्तीनी राजदूत के बारे में यह जानकारी कहां से मिली है कि उन्हें पाकिस्तान में फिर से बहाल किया जा रहा है. हमारे जानकारी के अनुसार वे अब तक फिलिस्तीन में ही हैं.”

दरअसल पाकिस्तान उलेमा काउंसिल (PUC) के चेयरमैन मौलाना ताहिर अशरफी के हवाले से जियो न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने अली को दोबारा पाकिस्तान में अपना राजदूत नियुक्त कर दिया है. अशरफी ने कहा था कि अली बुधवार को पाकिस्तान लौट आएंगे और फिर से अपना कार्यभार संभालेंगे.

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बता दें पाकिस्तान में फलस्तीन के राजदूत वलीद अबू अली ने 29 दिसंबर को रावलपिंडी के लियाकत बाग में ‘दिफा ए पाकिस्तान काउंसिल’ द्वारा आयोजित एक रैली में कथित तौर पर भाग लिया था. यहां संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकी घोषित हाफिज सईद के साथ दिखाई दिए थे. ‘दिफा ए पाकिस्तान काउंसिल’ धार्मिक एवं चरमपंथी समूहों का संगठन है जिसका प्रमुख हाफिज सईद है.

इस घटना के बाद भारत ने कड़ी आपत्ति जताई थी. इसे फिलीस्तीन ने गंभीरता से लिया और राजदूत को वापस बुला लिया. दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले साल फरवरी में फिलिस्तीन को दौरे पर जाने वाले हैं. विदेश मंत्रालय के अधिकारी इसकी तैयारियों में जुटे हुए हैं. पीएम मोदी के दौरे से पहले फिलिस्तीन भारत की नाराजगी को मोल नहीं लेना चाहता था. उसे यह भी डर था कि हाफिज सईद से वलीद अबु अली की मुलाकात की वजह से पीएम मोदी का दौरा टल न जाए.