Pampore Encounter: जम्मू-कश्मीर के पंपोर के द्रंगबल इलाके में शनिवार की सुबह से सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़  में जम्मू कश्मीर पुलिस के टॉप 10 टारगेट में शामिल आतंकी उमर मुश्ताक खांडे सहित दो आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मौत के घाट उतार दिया है. बता दें कि लश्कर ए तैय्यबा का खूंखार आतंकी उमर मुश्ताक खांडे ने कश्मीर के भगत इलाके में दो पुलिस कर्मियों की हत्या के मामले समेत अन्य आतंकी गतिविधियों में शामिल था. इस मुठभेड़ में उसके साथ एक और आतंकी भी मारा गया है. यह जानकारी कश्मीर आईजी विजय कुमार ने दी है.Also Read - Srinagar Encounter में मारे गए 4 आतंकियों में विदेशी आतंकवादी भी शामिल: IG ने किया दावा

आतंकियों से पुलिस ने इस तरह से लिया साथियों की शहादत का बदला Also Read - J&K Encounter: मजदूरों की हत्‍याओं में शामिल LeT के 2 टॉप आतंकी समेत 4 ढेर, NIA ने चार को पकड़ा

बता  दें कि मुश्ताक खांडे ने इसी साल दो पुलिसकर्मियों की हत्या की थी और तभी से वह पुलिस की हिटलिस्ट में बना हुआ था. कश्मीर पुलिस की ओर से जारी बयान के अनुसार, लश्कर आतंकी उमर मुश्ताक खांडे जिसने हमारे दो साथियों मोहम्मद यूसुफ और सुहैल को इसी साल श्रीनगर के बघाट में हत्या की थी, उसे पंपोर एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया है. Also Read - Bandipora Encounter: सुरक्षाबलों ने BJP नेता वसीम बारी के हत्यारे सहित दो आतंकियों को मार गिराया, जारी है मुठभेड़

पुलिस जवानों पर उसने उस वक्त हमला किया था जब वे चाय पी रहे थे. तब से इन आतंकवादियों की हमें तलाश थी. उनके कई अन्य अपराधों में, हमारे साथियों की इस तरह से शहादत के लिए हम उन्हें क्षमा नहीं कर सकते थे. आज दोनों आतंकी मारे गए हैं.

जम्मू और कश्मीर पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ में आज दो आतंकवादी मारे गए हैं. उनके पास से हथियार और गोला-बारूद सहित कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है. अभी हमारा सर्च ऑपरेशन जारी है. तलाश जारी है। आगे के विवरण का पालन करेंगे:

मुश्ताक ने साकिब के साथ मिलकर पुलिसकर्मियों की हत्या की थी 

इसी साल फरवरी में मुश्ताक ने एक अन्य आतंकी साकिब के साथ मिलकर पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया था. उन्होंने एके-47 से पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की थी. इस फायरिंग में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए थे, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी. ये दोनों जवान जम्मू कश्मीर पुलिस के थे. यह आतंकी हमला सीसीटीवी में कैद हो गया था. वहीं, ये आतंकी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए थे. साकिब मंजूर ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) से जुड़ा है. वह श्रीनगर के बारजुला का ही रहने वाला है.