सोनीपत. यहां के ईशापुर खेड़ी गांव में लड़कियों के जिंस पहनने और फोन रखने पर पंचायत ने एक साल से पाबंदी लगा रखी है. सरपंच प्रेम सिंह का कहना है कि हमारे गांव में लड़कियों को जिंस पहनने की अनुमति नहीं है. चूंकि वे मोबाइल का दुरुपयोग करती हैं, इसलिए हमने उसे भी बैन कर दिया है.

गांव की एक लड़की का कहना है कि यह पूरी तरह से गलत है. समस्या लड़कों की सोच पर है, न कि लड़कियों के कपड़े में. आप लड़कियों के कपड़े से उनका चरित्र कैसे जज कर सकते हैं?

बताया जा रहा है कि पिछले साल गांव गांव की दो-तीन लड़कियों का दूसरे लड़कों के साथ भागने का मामला सामने आया. इसके बाद बदनामी के डर से पंचायत ने फरमान जारी कर दिया कि लड़कियां जींस-टीशर्ट न पहने. साथ ही मोबाइल न रखें. पंचायत ने फैसला लिया कि लड़कियां अपनी संस्कृति के हिसाब से ही कपड़े पहनेंगी.