Panchayati Raj Diwas 2020: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पंचायती राज दिवस के मौके पर देश भर के ग्राम पंचायतों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संवाद किया. प्रधानमंत्री मोदी ने एकीकृत ई-ग्राम स्वराज पोर्टल और मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ किया. Also Read - Panchayati Raj Diwas 2020: PM मोदी ने शुरू किया ई-ग्राम पोर्टल, कैसे करेगा काम, किसानों को होगा क्या फायदा

संवाद में पीएम ने क्या कहा- Also Read - Lockdown 2.0: 3 मई तक बढ़ा लॉकडाउन, किन चीजों पर छूट, क्या चलेगा क्या नहीं, जानें हर जरूरी बात

आज जिन्हें सम्मानित किया गया है उन्हें बधाई. Also Read - जम्मू-कश्मीर: अनंतनाग में सरकारी कार्यक्रम के दौरान आतंकी हमला, सरपंच और अधिकारी की हत्या

कोरोना ने हम सभी के काम करने को बहुत बदला है. पहले हम आमने सामने मिलते थे लेकिन आज यही काम वीडियो कांफ्रेंसिंग से करना पड़ रहा है.

आज अनेक पंचायतों को अच्छे कार्यों के लिए पुरस्कार मिले हैं. इन सभी को शुभकामनाएं.

कोरोना महामारी ने हमारे लिए अनेके प्रकार की मुसीबतें पैदा की हैं. इनके बारे में हमने कभी सोचा नहीं था. लेकिन इससे भी बड़ी बात ये है कि इस महामारी से हमें नई शिक्षा मिली है.

हिंदुस्तान के सभी नागरिकों चाहे वो गांव में हो या शहर में हो उन सभी को संदेश देना चाहता हूं.

कोरोना संकट में अपना सबसे बड़ा संदेश, सबक दिया है. उस रास्ते परचलने का निर्देश दिया है.

गांव अपनी आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बनें, जिला और राज्य अपने स्तर पर आत्मनिर्भर बने, अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हमें कभी भी बाहर का मुंह ना देखना पड़े, ये तय करने का सबक हमने सीखा है.

भारत में ये विचार सदियों से रहा है लेकिन आज बदली हुई परिस्थितयों ने हमें याद दिलाया है कि आत्मनिर्भर बनो.

हमारे देश की ग्राम पंचायतों की बहुत बड़ी भूमिका है. मजबूत पंचायतें, आत्मनिर्भर गांव का आधार है. इसलिए पंचायत की व्यवस्था जितनी मजबूत होगी उतना ही लोकतंत्र मजबूत होगा.

शहरों और गांवों में दूरी को कम करने के लिए दो प्रोजेक्ट शुरू किए हैं.

ई ग्राम स्वराज और स्वामित्व योजना की शुरुआत.

 

कोई भी नागरिक अपनी ग्राम पंचायत में क्या काम हो रहा है, मोबाइल पर जान पाएगा. ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता बढ़ेगी, रिकॉर्ड रखने का काम सरल हो जाएगा. ई ग्राम स्वराज के माध्यम से आप सभी को बड़ी शक्ति मिलेगी.

गांव में प्रॉपर्टी को लेकर जो स्थिति रहती है, स्वामित्व योजना इसी को ठीक करने का प्रयास है. इसके तहत देश के सभी गांवों में ड्रोन के माध्यम से पूरे गांव की एक-एक संपत्ति की मैपिंग होगी. फिर लोगों को उस संपत्ति के स्वामित्व का प्रमाण पत्र मिलेगा. इससे विकास योजनाओं की बेहतर प्लानिंग में मदद मिलेगी. इससे शहरों की तरह गांवों में भी बैंकों से लोन ले सकेंगे. जब स्वामित्व होगा तो उस संपत्ति के आधार पर लोन मिल जाएगा.

उत्तर प्रदेश, महाराष्ट, कर्नाटक जैसे 6 राज्यों में शुरू कर रहे हैं. फिर सही से लागू हो जाएगा तब हिंदुस्तान के हर गांव में लागू की जाएगी.

दो गज दूरी का मंत्र. इससे आप कोरोनावायरस से खुद को दूर रख रहे हैं. गांवों में इसका पालन हुआ है. ये आपके ही प्रयास हैं कि आज दुनिया में चर्चा हो रही कि कोरोना को भारत ने कैसे जवाब दिया है.

भारत का नागरिक सीमित संसाधनों के साथ टक्कर ले रहा है. रुकावटें आ रही हैं, लेकिन संकल्प का सामर्थ्य दिखाते हुए नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ते हुए देश को बचाने का और देश को आगे बढ़ाने का काम निरंतर जारी है.

गांवों में जो रहा है उसकी मैं निरंतर जानकारी ले रहा हूं.

बता दें कि एकीकृत पोर्टल पंचायती राज मंत्रालय की एक नई पहल है जो ग्राम पंचायतों को अपनी ग्राम पंचायत विकास योजना को तैयार करने और कार्यान्वित करने में मदद करती है.

इस अवसर पर प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना का भी शुभारंभ किया. यह योजना पंचायती राज मंत्रालय, राज्यों के पंचायती राज विभाग, राज्य राजस्व विभाग और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से नवीनतम सर्वेक्षण विधियों द्वारा का ग्रामीण क्षेत्रों में रिहाईशी भूमि के सीमांकन के लिए एकीकृत संपत्ति सत्यापन का रास्ता प्रदान करती है.

हरेक वर्ष की तरह इस बार भी पंचायती राज मंत्रालय, सेवाओं और सार्वजनिक वस्तुओं के वितरण में सुधार के लिए बेहतर काम करने वाले पंचायत को पुरस्कृत किया गया. इस वर्ष भी तीन तरह के पुरूस्कार दिए गए. नानाजी देशमुख गौरव ग्राम सभा पुरस्कार , बाल-सुलभ ग्राम पंचायत पुरस्कार और ग्राम पंचायत विकास पुरस्कार राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को दिया गया.