नई दिल्ली। रेप केस में सजा भुगत रहे सिरसा डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को राहत के आसार मिलते नहीं दिख रहे हैं. पंचकुला की सीबीआई अदालत ने गुरमीत की जमानत अर्जी खारिज कर दी है. 2002 रेप के आरोप में गुरमीत को कोर्ट ने 20 साल जेल की सजा सुनाई है और वह इस वक्त रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है.

20 साल की सजा भुगत रहा गुरमीत

अदालत ने 28 अगस्त 2017 को डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को को दुष्कर्म के दो मामलों में 10-10 साल जेल की सजा सुनाई थी. रोहतक के सुनारिया जिला जेल के पुस्तकालय में ही सीबीआई की विशेष अदालत ने भारी सुरक्षा के बीच सजा का ऐलान किया था. सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश जगदीप सिंह ने अपने फैसले में जुर्माने की राशि में से ही हर पीड़िता को 14-14 लाख रुपये बतौर मुआवजा देने का आदेश दिया था.

जानिए सजा पाने के बाद जेल में कैसे गुजरी गुरमीत राम रहीम की पहली रात

डेरा प्रमुख को 1999 में अपनी दो शिष्याओं से दुष्कर्म करने और आपराधिक धमकी देने का दोषी करार दिया था. मामले में शिकायत 2002 में दर्ज हुई थी. अदालत द्वारा डेरा प्रमुख को दोषी करार दिए जाने के बाद पूरे हरियाणा में व्यापक हिंसा फैल गई थी, जिसमें 38 लोगों की मौत हो गई और 264 लोग घायल हो गए थे.

हनीप्रीत हो गई थी फरार

हिंसा के सिलसिले में राज्य पुलिस द्वारा वांछित 43 लोगों की सूची में गुरमीत की खास 37 वर्षीय हनीप्रीत का भी नाम था. राम रहीम को सजाए सुनाए जाने के बाद पंचकूला में जमकर हिंसा हुई थी जिसमें करीब 38 लोग मारे गए थे. ये सभी पुलिस के साथ झड़प में मारे गए थे. राम रहीम समर्थक उत्पातियों ने पंचकूला, सिरसा सहित कई शहरों में जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की थी जिसमें करोड़ों की संपत्ति को नुकसान हुआ और कईयों की जान गई. इसी सिलसिले में पुलिस ने हनीप्रीत को गिरफ्तार किया था. हनीप्रीत कई दिनों तक पुलिस को चकमा देती रही थी, लेकिन आखिर में नवंबर 2017 में पुलिस की गिरफ्त में आ ही गई.