Pandora Paper Leak: रसूखदार शख्सियतों के वित्तीय लेन-देन का बड़ा खुलासा, क्या है ये पंडोरा पेपर लीक मामला

Pandora Paper Leak: पंडोरा पेपर्स लीक मामले में दुनियाभर के कई रसूखदार शख्सियतों के वित्तीय लेन-देन का बड़ा खुलासा हुआ है क्या है ये पंडोरा पेपर लीक मामला, जानिए....

Published date india.com Updated: October 4, 2021 2:37 PM IST
Pandora Papers ICIJ India Names
"The Pandora Papers reveal the inner workings of a shadow economy that benefits the wealthy and well-connected at the expense of everyone else," ICIJ said on its website. (Image Courtesy - ICIJ Twitter handle)

Pandora Paper Leak: पेंडोरा पेपर्स लीक एक ऐसा मामला आज लोगों के सामने आया है जिस में दुनिया भर की रसूखदार शख्सियतों के वित्तीय लेन-देन को लेकर बड़े खुलासे हुए हैं. यह पेंडोरा पेपर लीक का मामला वैश्विक स्‍तर पर 14 वित्तीय सेवाएं देने वाली कंपनियों के करीब 1.19 करोड़ लीक दस्तावेजों पर आधारित है. ‘इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स’ (ICIJ) ने अपनी एक साल की खोजी पत्रकारिता एवं दस्तावेजों की जांच-पड़ताल के बाद दुनिया भर की दिग्गज हस्तियों के गुप्त कारोबार के बारे में कुछ सनसनीखेज खुलासे किए हैं.

पेंडोरा पेपर्स लीक मामला क्या है, जानिए…

इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (International Consortium of Investigative Journalists) मीडिया कंसोर्टियम द्वारा जांच की गई जिसमें रविवार को प्रकाशित जांच की रिपोर्ट के मुताबिक, एक दर्जन से अधिक देशों और सरकार के प्रमुखों ने टैक्स हैवंस में लाखों रुपये छिपाए, इसका अब खुलासा हुआ है. “पेंडोरा पेपर्स” की जांच में द वाशिंगटन पोस्ट, बीबीसी और द गार्जियन सहित मीडिया से जुड़े करीब 600 पत्रकार शामिल हैं.

इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स, ICIJ की ओर से की तैयार किए गए दस्तावेज में 100 धनकुबेरों के अलावा, रूस, इंडिया, पाकिस्तान, यूके, मैक्सिको के सेलिब्रिटियों के नाम पर कंपनियां मिली हैं. पंडोरा पेपर्स ने, किंग ऑफ जॉर्डन, यूक्रेन, केन्या के राष्ट्रपतियों, चेक रिपब्लिक के प्रधानमंत्री और पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर से संबंधित जानकारी को उजागर किया है.

ICIJ की रिपोर्ट के मुताबिक अगले एक दो दिन में पेंडोर पेपर्स लीक की विस्तृत जानकारी सामने आ सकती है. कुल मिलाकर, ICIJ को ऐसी करीब 1,000 कंपनियों और देश के नेताओं, कैबिनेट मंत्रियों, राजदूतों और अन्य सहित 336 उच्च-स्तरीय राजनेताओं और सार्वजनिक अधिकारियों के बीच संबंध मिले हैं. इनमें से दो-तिहाई से अधिक कंपनियां ब्रिटिश वर्जिन द्वीप समूह में स्थापित की गईं.

इस मामले में कई भारतीयों के नाम हैं शामिल

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इस जांच रिपोर्ट में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े  300 से ज्यादा भारतीयों के नाम भी शामिल हैं, जिनमें करीब 60 प्रमुख व्यक्तियों एवं उनकी कंपनियों की जांच और साक्ष्य से संबंधित हैं. इनमें कई भारतीय हस्तियां एवं एनआरआई हैं जिन्होंने 2016 के डाटा लीक के बाद विदेशों में स्थित अपनी संपत्तियों में बदलाव या उसे नए सिरे शुरू किया. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक अपराध के आरोपी एवं जांच का सामना करने वाले लोगों ने सामोआ, बेलिस अथवा क्रूक आइलैंड जैसे टैक्स हैवन ठिकानों पर अपनी कंपनियां बनाई हैं.

पाकिस्तान में मचा है बवाल

इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स के पेंडोरा पेपर्स के खुलासे के बाद से पाकिस्तान की सियासत में बवाल मचा हुआ है. क्योंकि इस लिस्ट में पाकिस्तान के 700 लोगों के नाम सामने आए हैं. इनमें इमरान सरकार में मंत्री शौकत तारिन, जल संसाधन मंत्री मूनिस इलाही, सांसद फैसल वावड़ा, उद्योग और उत्पादन मंत्री खुसरो बख्तियार के परिवार लोग शामिल हैं.

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