बीडीः महाराष्ट्र की नेता व पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे ने गुरुवार को स्पष्ट तौर पर कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नहीं छोड़ेंगी. इसके साथ ही उन्होंने भाजपा नेतृत्व पर निशाना साधा और खुले तौर पर खुद को बर्खास्त करने की चुनौती दी. अपने पिता व दिवंगत केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे की 70वीं जयंती पर अपने समर्थकों की ताकत दिखाते हुए पंकजा ने अपने गृह जनपद से अपने आलोचकों व पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा.

राज्य भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील व दूसरे कई शीर्ष भाजपा नेताओं की मौजूदगी में पंकजा ने कहा, “मुझे एक चुनाव हारने से कोई परेशानी नहीं है. परिस्थितियां बनाई जा रही हैं कि मैं पार्टी छोड़ दूं. लेकिन मैं पार्टी नहीं छोड़ने जा रही हूं. अगर पार्टी मुझे छोड़ना चाहती है तो वह फैसला ले सकती है.”

टिकट न देने का फैसला महाराष्ट्र में लिया गया, दिल्ली में नहीं: पंकजा

पंकजा ने कहा, “मुझे ‘महत्वाकांक्षी’ करार दिया जा रहा है, किसने पार्टी पर ‘दबाव’ बनाने की कोशिश की. कुछ लोग अफवाहें फैला रहे हैं कि मैं मुख्यमंत्री बनना चाहती हूं. मैंने ऐसी कोई बात कभी नहीं कही. लेकिन क्या महत्वाकांक्षी होना गलत है? क्या एक महिला राज्य का नेतृत्व नहीं कर सकती.”

उन्होंने कहा, “मैंने मंत्री के रूप में पांच साल सेवा दी. आज से मैं (भाजपा) की कोर कमेटी की सदस्य नहीं हूं. वे मुझे बागी कहते हैं. क्या आप मानते हैं कि स्वतंत्रता अधिकारियों को चुनौती दिए या विद्रोह के बगैर संभव थी.” पंकजा मुंडे ने कहा कि वह राज्य पार्टी प्रमुख या विपक्ष के नेता का पद नहीं चाहतीं, लेकिन कुछ लोग उन्हें व उनके जैसे दूसरे लोगों को भाजपा से बाहर करने के हालात बना रहे हैं.