12th Board Exam Update: CBSE द्वारा एक जुलाई से 12वीं बोर्ड के बचे हुए पेपर की परीक्षा कराने के फैसले के खिलाफ कुछ पैरेंट्स ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. अभिवाकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर बची हुईं परीक्षाएं रद्द करने की गुहार लगाई है. इसमें कहा गया है कि सीबीएसई स्टूडेंट्स का रिजल्ट इंटरनल असेस्मेंट के आधार पर घोषित करे. Also Read - तमिलनाडु सरकार मेडिकल प्रवेश में ओबीसी आरक्षण पर जल्द फैसले को लेकर पहुंची सुप्रीम कोर्ट  

याचिका में कहा गया कि एम्स के डाटा के अनुसार, कोरोना वायरस आने वाले समय में भारत में अपने चरम पर होगा. ऐसे में परीक्षाओं को रद्द कर दिया जाना चाहिए. याचिका में कहा गया है कि भारत में संक्रमितों की संख्या 3 लाख के करीब पहुंच चुकी है, परीक्षाएं कराना बेहद जोखिम भरा हो सकता है. Also Read - CBSE CTET 2020 Exam Latest News:सीबीएसई ने फिर से CTET परीक्षा को लेकर शेयर किया यह जानकारी, जानिए पूरी डिटेल 

सीबीएसई ने कहा है कि वह 1 जुलाई से देशभर में 1500 केंद्रों पर बचे हुए पेपर्स की परीक्षाएं करवाएगा. अभिभावकों की ओर से याचिका दायर करने वाले वकील ऋषि मलहोत्रा ने कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी और आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों ने कोई परीक्षा नहीं कराने का फैसला किया है. कई स्टेट बोर्ड्स ने भी परीक्षा नहीं कराने का फैसला किया है. ऐसे में सीबीएसई की ओर से परीक्षा लेने का कोई आधार नहीं है. Also Read - ICAI CA Exam: आईसीएआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- सीए परीक्षा के आयोजन की व्यवहार्यता पर करेंगे विचार, जानें कब से होगा एग्जाम