Parliament Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र स्वतंत्रता दिवस बीत जाने के बाद होगा. 15 अगस्त से 23 सितंबर के बीच मानसून सत्र संचालन की तिथि घोषित होगी. उसी अनुरूप तैयारियां चल रहीं हैं. लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति स्तर से भी पूरी तैयारियों की मॉनिटरिंग की जा रही है. संसद सत्र कैसे संचालित होगा, इसका अंतिम फैसला लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा के सभापति के स्तर से होगा.Also Read - राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, हंगामे के कारण 47 घंटे बाधित रहा सत्र

मानसून सत्र के संचालन के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर(एसओपी) भी जारी होगा. भाजपा के कई सांसदों ने बातचीत के दौरान बताया कि 15 अगस्त के बाद ही मानसून सत्र चलने की सूचनाएं आ रहीं है. उससे पहले आयोजन संभव नहीं हैं. नियम है कि दो संसद सत्र के बीच छह महीने का अंतर नहीं हो सकता. कोरोना के कारण बजट सत्र 23 मार्च को खत्म हुआ था. ऐसे में 23 सितंबर से पहले मानसून सत्र का संचालन जरूरी है. Also Read - उपराष्ट्रपति के विदाई समारोह में बोले पीएम मोदी, कहा ‘वेंकैया नायडू के वन लाइनर, WIN लाइनर होते थे’ | Watch Video

राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के बीच जून से लेकर अब तक कई बैठकें हो चुकी हैं. लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय के अफसर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ संसद सत्र के आयोजन की रूपरेखा बनाने में जुटे हैं. कोरोना के कारण ठप चल रहीं संसदीय समिति की बैठकें भी जुलाई से शुरू हो चुकीं हैं. संसदीय समिति की बैठकों के दौरान सांसदों के बीच छह फिट की दूरी मेंटेन की जा रही है. नियमित तौर पर संसदीय समितियों के बीच बैठकें चल रहीं हैं. Also Read - धरना दे रहे विपक्षी सांसदों को मच्छरों ने भी खूब छकाया- Video ट्वीट कर बयां किया दर्द; स्वास्थ्य मंत्री से की यह अपील

माना जा रहा है कि संसद सत्र के संचालन के दौरान भी दो सांसदों के बीच उचित दूरी मेंटेन की जाएगी. सदन में एंट्री और बैठने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर(एसओपी) भी जारी होगा. बता दें कि अमूमन मानसून सत्र जुलाई के दूसरे या तीसरे सप्ताह में होता आया है. लेकिन इस बार कोरोना के कारण जुलाई में आयोजन संभव नहीं हुआ. ऐसे में अब अगस्त से सितंबर के बीच इसके आयोजन की तैयारियां चल रहीं हैं.