'इडियट और अंधभक्त...', राहुल के संबोधन को लेकर संसद में हंगामा, रिजिजू बोले- उनकी भाषा असंसदीय है

Written By: : Tanuja Joshi
Updated Date:July 29, 2026 1:43 PM IST

राहुल गांधी ने कहा कि देश का भविष्य सड़कों पर उतरा. बीजेपी में भी जो लोग हैं, हमारे उन मित्रों को जाकर अपने बच्चों से पूछना चाहिए कि क्या गलत हुआ.

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान को लेकर हंगामा हो गया. दरअसल, वह जंतर-मंतर में हुए छात्र प्रदर्शन को लेकर बोल रहे थे. राहुल गांधी ने कहा कि देश का भविष्य सड़कों पर उतरा. बीजेपी में भी जो लोग हैं, हमारे उन मित्रों को जाकर अपने बच्चों से पूछना चाहिए कि क्या गलत हुआ.

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उन्होंने आगे कहा, 'मैंने सोचा, इडियट भी है और स्टूडेंट भी है. उससे पूछा कि ये तीसरी कैटेगरी कहां जाती है- अंध भक्त. ये तीन कैटेगरी हैं. छात्र जो हैं, वह शिक्षा के सिस्टम की बात कर रहे हैं. स्टूडेंट आठ-10 घंटे पढ़ते हैं. एजुकेशन महंगी है. वर्षों पढ़ते हैं. इस पर ट्रेजरी बेंच से सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया.'

दरअसल, लोकसभा में बुधवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक विवाद को लेकर देश भर में हुए छात्र प्रदर्शनों का जोरदार बचाव किया. उन्होंने इन प्रदर्शनों को भारत के युवाओं की आकांक्षाओं की सशक्त अभिव्यक्ति बताया. ये बयान उस दौरान आया, जब लोकसभा में पेपर लीक रोकने वाले कानून को और सख्त बनाने संबंधी विधेयक पर चर्चा फिर से शुरू हुई.

'स्टूडेंट्स, इडियट्स" और अंधभक्त...'

बहस में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सभी राजनीतिक दलों, खासकर बीजेपी से अपील की कि वे प्रदर्शन कर रहे छात्रों की भावनाओं का सम्मान करें. इस दौरान राहुल गांधी ने सदन में एक 18 वर्षीय छात्र से हुई बातचीत का जिक्र किया, जिसके बाद लोकसभा में हंगामा हो गया. राहुल के अनुसार, उस छात्र ने लोगों को तीन श्रेणियों में बांटा था 'स्टूडेंट्स, इडियट्स" और अंधभक्त'.

'इडियट्स' शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति

राहुल गांधी ने कहा कि छात्र के मुताबिक 'स्टूडेंट्स' वे लोग हैं जो ज्ञान की तलाश करते हैं और दूसरों की बात सुनने के लिए तैयार रहते हैं, जबकि 'इडियट्स' वे हैं जो अलग विचार सुनना ही नहीं चाहते. राहुल गांधी जैसे ही इस बात को आगे बढ़ाने लगे, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए 'इडियट्स' शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई और इसे असंसदीय बताया. इसके बाद एनडीए सांसदों ने विरोध जताया, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके बाद बहस आगे बढ़ी.

राहुल गांधी ने सदन में कहा, 'मैं उन प्रदर्शनों को देखकर बेहद उत्साहित और आश्वस्त हुआ. देश की नई पीढ़ी ने सड़कों पर जो किया, वह न तो गुस्सा था, न हिंसा और न ही नफरत. वो इस देश के युवाओं और भविष्य की पीढ़ी की गहरी भावना की अभिव्यक्ति थी.'

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