Parliament Monsoon Session Updates: देश में जारी कोरोना संकट (Coronavirus) के बीच संसद के मॉनसून सत्र का आज से आगाज हो गया. 18 दिन चलने वाले इस संसद सत्र (Parliament Session) में कोरोना से बचाव के सभी मानदंडों का पालन किया जा रहा है. कोरोना को देखते हुए मॉनसून सत्र के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं. इस सत्र में कई चीजें पहली बार हो रही हैं जिनमें दोनों सदनों की बैठक सुबह-शाम की पालियों में होना और सत्र में एक भी अवकाश नहीं होना शामिल हैं. इसके साथ-साथ इस बार प्रश्नकाल को भी संसद की कार्यवाही से हटा दिया है. इसे लेकर विपक्ष ने ऐतराज जताया और सरकार पर ‘लोकतंत्र का गला घोंटने’ का आरोप लगाया. Also Read - पीएम मोदी का दुनिया को भरोसा- भारत की टीका उत्पादन क्षमता पूरी मानवता को इस संकट से बाहर निकालेगी

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chaudhary) ने कहा, ‘प्रश्नकाल स्वर्णिम समय है, लेकिन आप कहते हैं कि परिस्थितियों के कारण इसे आयोजित नहीं किया जा सकता है. आप कार्यवाही का संचालन करते हैं, लेकिन प्रश्नकाल को समाप्त कर देते हैं. आप ‘लोकतंत्र का गला घोंटने’ की कोशिश कर रहे हैं.’ Also Read - PM Narendra Modi Full speech at UNGA: पीएम मोदी बोले- आखिर कब तक भारत को संयुक्त राष्ट्र के निर्णय लेने वाले स्ट्रक्चर से अलग रखा जाएगा?

वहीं, इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी (Pralhad Joshi) ने कहा, ‘यह असाधारण परिस्थिति है. जब सभाएं एक दिन के लिए भी नहीं हो सकती हैं, हम करीब 800-850 सांसद यहां उपस्थित हैं. सरकार से सवाल पूछने के कई तरीके हैं. सरकार चर्चा से नहीं भाग रही है. हम सवालों के लिए तैयार हैं.’ वहीं इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सुझाव दिया है कि शून्यकाल में सरकार से सवाल किया जा सकता है.

बता दें कि सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान चीन के साथ सीमा पर तनाव को लेकर कड़ा संदेश दिया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘इस सत्र की एक विशेष जिम्मेदारी है कि जब हमारी सेना के वीर जवान सीमा पर मातृभूमि की रक्षा के लिए डटे हुए हैं. सदन से सभी सदस्य एक स्वर से, एक भाव से, एक भावना से, एक संकल्प से एक संदेश देंगे कि सेना के जवानों के पीछे पूरा देश खड़ा है. संसद और संसद सदस्यों के माध्यम से खड़ा है. पूरा सदन एक स्वर से देश के वीर जवानों के पीछे खड़ा है. ऐसा मेरा पूरा विश्वास है.