Parliament Proceedings: राज्यसभा के एक सदस्य की ओर से सभापति एम वेंकैया नायडू की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जाने को लेकर आज सदन में बखेड़ा खड़ा हो गया. इससे आहत सभापति ने कहा कि आसन को निष्प्रभावी करने के प्रयासों के आगे वह नहीं झुकेंगे. इतना ही नहीं उन पर आरोप लगाने से सदन में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी आहत हो गई. उसके बाद एक बड़े नेता ने नायडू पर लगाए गए आरोपों पर आपत्ति जताई और आरोप लगाने वाले सदस्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. Also Read - Lockdown in India: कोरोना फैलने से रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन से वाहन उद्योग को रोजाना 2300 करोड़ का नुकसान

संसद के उच्च सदन की आज बैठक शुरू होने पर वाईएसआर कांग्रेस के विजयसाई रेड्डी ने कहा कि कुछ दिन पहले तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के एक सदस्य ने इस सदन में एक ‘आपत्तिजनक’ मामला उठाया था. Also Read - लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर उपराष्ट्रपति ने दी श्रदांजलि, पीएम मोदी बोले- उनके लिए राष्ट्रहित से बढ़कर कुछ नहीं था

उन्होंने न किसी का नाम लिया और न ही मामले का जिक्र किया लेकिन व्यवस्था के प्रश्न के जरिये यह मुद्दा उठाते हुए कहा, ‘‘इस मामले को उठाया नहीं जाना चाहिए था. इसे सदन की कार्यवाही से निकाला लाना चाहिए.’’ Also Read - COVID पॉजिटिव पाए गए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, होम आइसोलेशन में गए

सभापति नायडू ने इस पर कहा कि यह व्यवस्था के प्रश्न से जुड़ा मुद्दा नहीं है और संबंधित सदस्य उन्हें लिखित में अपनी आपत्ति जता सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘यदि कुछ आपत्तिजनक होगा और नियम उसकी अनुमति नहीं देते हैं तो मैं आवश्यक कार्रवाई करूंगा.’’

लेकिन इसके बावजूद रेड्डी बोलते रहे. सभापति ने कहा कि कुछ भी रिकॉर्ड पर नहीं जाएगा. इस बीच रेड्डी ने सभापति पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया. नायडू ने कहा ‘‘आप कह रहे हैं कि आसन पक्षपात करता है.’’

कांग्रेस ने दिया उपराष्ट्रपति का साथ

कांग्रेस के जयराम रमेश और बीजू जनता दल के प्रसन्ना आचार्य ने वाईएसआर कांग्रेस के सदस्य रेड्डी द्वारा सभापति पर लगाए गए आरोपों पर आपत्ति जताई और उन पर कार्रवाई की मांग की. आचार्य ने कहा, ‘‘इसकी निंदा की जानी चाहिए. कार्रवाई होनी चाहिए.’’

नायडू ने कहा, ‘‘मुझे आज बहुत दुख हुआ है. ऐसा कभी पहले सदन में नहीं हुआ है. सदन में बहस या चर्चा के दौरान अगर कुछ भी आपत्तिजनक होता है तो वह उसी दिन आसन के संज्ञान में लाया जा सकता है. जांच के बाद उसे कार्यवाही से हटा दिया जाएगा. इस मामले में किसी ने भी न तो आपत्ति जताई न ही विरोध किया. मेरे संज्ञान में कुछ नहीं लाया गया.’’

उन्होंने कहा ‘‘बाद में भी संज्ञान में लाया जा सकता है और नोटिस दिया जा सकता है.’’ उन्होंने कहा ‘‘मैं रिकॉर्ड देखूंगा और आवश्यक कार्रवाई करूंगा. लेकिन इस तरह आसन पर आरोप लगाया जाना … ऐसा नहीं होना चाहिए. ’’

सभापति ने कहा कि यह विचार आसन को निष्प्रभावी बनाने के लिए है. उन्होंने कहा ‘‘लेकिन मैं आसन को निष्प्रभावी बनाने के इस तरह के प्रयासों के आगे झुकूंगा नहीं.’’उ न्होंने कहा ‘‘ जिस दिन मैंने यह पद धारण किया था, उसी दिन मैंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था. उसके बाद से मैं किसी राजनीतिक कार्यक्रम में नहीं गया.’’उन्होंने कहा कि ऐसे आरोपों से उन्हें दुख जरूर हुआ है लेकिन वह घबराने वाले नहीं हैं.

नायडू ने कहा, ‘‘मेरा दिल देश में बसता हैं, संविधान में बसता है और जनता में बसता है. मैं इसकी (आरोपों) चिंता नहीं करता. लेकिन एक इंसान होने के नाते दुख होता है. मुझे बहुत दुख हुआ है.’’