Parliament Winter Session: संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन हुए हंगामे के कारण राज्‍य सभा के 12 सांसदों को  राज्यसभा अध्यक्ष एम वेंकैयानायडू ने निलंबित कर दिया था. अध्यक्ष की इस कार्रवाई के बाद आज संसद के शीत सत्र का दूसरा दिन शुरू हो गया है, दूसरे दिन की शुरुआत भी आज हंगामेदार हुई है. मंगलवार को भी इस मामले की ‘गूंज’ सदन में सुनाई दी. विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार की यह कार्रवाई सिलेक्टिव हैं और नियमों के खिलाफ है.Also Read - UP Election 2022: ग्रेटर नोएडा में अमित शाह का ‘प्रभावी मतदाता संवाद’, कहा- यूपी चुनाव 20 साल के लिए दिशा तय करेंगे

राज्यसभा अध्यक्ष ने कहा-सांसदों ने माफी नहीं मांगी, निलंबन वापस नहीं होगा Also Read - Punjab Eections 2022: BJP ने 27 उम्मीदवारों की जारी की एक और List

मंगलवार सुबह बैठक करने के बाद विपक्ष, सांसदों के निलंबन को रद्द करने की मांग कर रहा है. विपक्ष के आरोप का जवाब देते हुए राज्‍यसभा के चेयरमैन वेंकैया नायडू ने सुबह उच्‍च सदन में कहा, ‘निलंबित सांसदों ने अफसोस नहीं जताया है. मैं विपक्ष के नेता (मल्लिकार्जन खडगे) की अपील पर विचार नहीं कर रहा हूं. निलंबन वापस नहीं लिया जाएगा. ‘ वेंकैयानायडू ने कहा कि पिछले मानसून सत्र का कड़वा अनुभव आज भी हममें से अधिकांश लोगों को परेशान करता है. मैं उम्मीद कर रहा था और इंतजार कर रहा था कि पिछले सत्र में जो हुआ, उस पर नाराजगी व्यक्त करने के लिए सदन के प्रमुख नेता आगे आएंगे. Also Read - UP Elections 2022: अमित शाह ने बीजेपी के पक्ष में डोर-टू- डोर पर्चे बांटे, सपा-बसपा पर हमला किया

पीयूष गोयल ने कहा-पिछली बार की हरकत याद है हमें…

12 राज्यसभा सांसदों के निलंबन पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पिछले मानसून सत्र में हमने जिस तरह की अनुशासनहीनता देखी, वह पहले कभी नहीं देखी गई. एक विपक्षी सांसद ने एलईडी स्क्रीन तोड़ने की कोशिश की, कुछ सांसदों ने महिला मार्शलों पर हमला किया गया. सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए कार्रवाई करना जरूरी था.

विपक्षी दल के आठ नेताओं ने वेंकैया नायडू से की मुलाकात

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में विपक्षी दल के आठ नेताओं ने राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू से मुलाकात की और उनसे 12 सांसदों के निलंबन को रद्द करने पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया. सभापति नायडू ने उनसे कहा कि सदन के निलंबित सदस्यों से माफी मांगे बिना यह संभव नहीं है.

फिसल गए कांग्रेस सांसद

कांग्रेस लोकसभा सांसद के सुरेश एलओपी राज्यसभा के कार्यालय से बाहर आते समय संसद गलियारे के फर्श पर फिसल गए. उनका प्राथमिक उपचार किया गया है और अब उन्हें अस्पताल ले जाया गया है.

हमने राज्यसभा के उन 12 विपक्षी सदस्यों का समर्थन करने के लिए लोकसभा से वाकआउट किया है जिन्हें निलंबित कर दिया गया है. मौजूदा शीतकालीन सत्र से निलंबन की कार्रवाई ‘पूर्वव्यापी प्रभाव’ की ओर इशारा करती है, माफी क्यों जारी की जानी चाहिए?