नई दिल्लीः कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली एक स्थायी संसदीय समिति 20 नवम्बर को अपनी बैठक में ‘व्हाट्सएप’ जासूसी मामले पर चर्चा करेगी. सूत्रों ने बुधवार को बताया कि कांग्रेस नेताओं की अध्यक्षता वाले दो संसदीय पैनलों ने ‘व्हाट्सएप’ जासूसी मामले की जांच करने का निर्णय लिया है और वह गृह सचिव सहित सरकार के शीर्ष अधिकारियों से जानकारी मांगेंगे.

शशि थरूर सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी संसदीय समिति के अध्यक्ष हैं. उन्होंने समिति के सदस्यों को भेजे पत्र में कहा है कि भारतीय नागरिकों की जासूसी करने के लिए प्रौद्योगिकी का कथित इस्तेमाल ‘‘गंभीर चिंता’’ का विषय है और 20 नवम्बर को समिति की अगली बैठक में इस पर चर्चा की जाएगी.

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फेसबुक के स्वामित्व वाले ‘व्हाट्सएप’ ने सितम्बर में भारत सरकार को सूचना दी थी कि भारतीय पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं सहित 121 भारतीय उपयोगकर्ताओं (यूजरों) को इज़राइली स्पाईवेयर ‘पेगासस’ द्वारा निशाना बनाया गया. लेकिन सूचना एवं प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय ने दलील दी है कि उपलब्ध कराई गई सूचना अपर्याप्त है.

इन दिनों सोशल मीडिया में प्राइवेसी को लेकर व्हाट्सप का मामला काफी गर्माया हुआ है. पिछले कुछ दिनों में फेक मैसेज और वीडियो कॉल की भी कई सारी न्यूज सामने आई है. सरकार ने इस बारे में अपना रुख साफ करते हुए कहा था कि सरकार भारतयी नागरिकों की निजता के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होने देगी और इस पूरे मामले में सरकार और संबंधित अधिकारियों की नजर है.