नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की चाह रखने वालों को जल्द ही अनिवार्य सेना सेवा की शर्त से रूबरू होना पड़ सकता है. संसद की एक स्थायी समिति ने सिफारिश की है कि केंद्र या राज्य सरकार में नौकरी की इच्छा रखने वालों के लिए सेना में पांच साल सेवा करना अनिवार्य कर देना चाहिए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, संसदीय समिति चाहती है कि इस संबंध में पीएम की रिपोर्ट करने वाली पर्सनल एंड ट्रेनिंग डिपार्टमेंट (DopT) एक प्रस्ताव तैयार करे.Also Read - SHSB Bihar Recruitment 2021: राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार में इन पदों पर निकली बंपर वैकेंसी, जल्द करें आवेदन, मिलेगी अच्छी सैलरी

समिति का मानना है कि सरकार नौकरी की इच्छा रखने वालों के लिए पांच साल सेवा अनिवार्य किए जाने से सेना में जवानों की कमी की समस्या से भी निजात मिल सकती है. DopT ही सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए नीतियां बनाता है और निगरानी रखता है. संसदीय समिति की ये सिफारिश ऐसे वक्त पर सामने आई है जब भारतीय सेना 7 हजार अफसरों और 20 हजार जवानों की कमी से जूझ रही है. इसी तरह वायु सेना और नौ सेना में 150 अफसरों और 15 हजार जवानों की कमी है. Also Read - CRPF Head Constable Recruitment 2021: 12वीं पास के लिए CRPF में इन पदों पर निकली वैकेंसी, जल्द करें आवेदन, होगी अच्छी सैलरी

अकेले रेलवे में ही 30 लाख कर्मचारी Also Read - SSB Recruitment 2021: SSB में इन पदों पर बिना परीक्षा मिल सकती है नौकरी, बस करना होगा ये काम, 85000 मिलेगी सैलरी

केंद्र सरकार के तहत इस समय भारतीय रेलवे में ही करीब 30 लाख कर्मचारी हैं. जबकि राज्य सरकारों के पास करीब 2 करोड़ कर्मचारी है. संसदीय समिति ने इस तरह की सिफारिश ये समझते हुए दी है कि भारतीय सेना अफसरों और जवानों की भारी कमी से जूझ रही है और अगर ये सिफारिश लागू हो जाती है तो इस समस्या पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है.

मिलेंगे अनुशासित अफसर-कर्मचारी

इससे ये भी फायदा होगा कि केंद्र और राज्य सरकार को अनुशासित कर्मचारी और अफसर मिलेंगे. हालांकि, समिति इस महत्वपूर्ण सिफारिश को लेकर रक्षा मंत्रालय के ढीले रवैये से नाखुश है और उसने अपना फोकस पर्सनल एंड ट्रेनिंग डिपार्टमेंट की तरफ कर लिया है. समिति की इच्छा है कि सेना में अफसरों की कमी के मामले को प्राथमिकता दी जानी चाहिए क्योंकि ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है.