नई दिल्‍ली: संसद के मानसून सत्र में कटौती किए जाने की संभावना बढ़ गई है, क्‍योंकि 30 सांसद कोरोना पॉजिटिव निकले हैं. अगर रिपोर्ट की माने तो 18 दिन के सत्र में एक हफ्ते की कटौती की जा सकती है. रायटर्स की एक रिपोर्ट में शनिवार को संसद के दो वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से यह बात कही गई है. बता दें कि भारत में बीते कुछ दिनों से कोरोना के लगभग एक लाख मामले हर दिन सामने आ रहे हैं. Also Read - WAR के गाने पर डॉक्टर ने पीपीई किट पहने किया जबरदस्त डांस, ऋतिक बोले- ये स्टेप्स तो...

बता दें कि संसद 14 सितंबर से शुरू हुई थी और इसे 1 अक्‍टूबर तक चलाया जाना था, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक 18 दिन के सत्र में एक हफ्ते की कटौती होने की संभावना है. Also Read - School Reopen: महामारी के कारण बदल गए हैं हमारे स्कूल, इन राज्यों में क्लास करने पहुंचे छात्रों की देखें तस्वीर

दो अधिकारियों में से एक ने न्‍यूज एजेंसी को बताया कि सत्र की शुरुआत के बाद से पॉजिटिव केसेस की संख्‍या बढ़ गई है, इसलिए सरकार सत्र को छोटा करने की सोच रही है. Also Read - School Reopen: इन राज्यों में पहले दिन कुछ ऐसा रहा स्कूलों का नजारा, मास्क-सैनिटाइजर संग स्कूल पहुंचे छात्र

संसद के कम से कम 17 लोकसभा सदस्‍य (एमपी) और 9 राज्‍यसभा सदस्‍य संसद के मानसूत्र सत्र के पहले दिन सोमवार को कोरोना टेस्‍ट में पॉजिटिव निकले थे. इससे गृह मंत्री अमित शाह समेत कम से कम 7 केंद्रीय मंत्री और कई राज्‍यों के मुख्‍यमंत्री कोविड-19 के टेस्‍ट में पॉजिटिव पाए गए थे. अब तक दो दर्जन से अधिक संसदों को वायरल फीवर की चपेट में आए हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार सुबह 8:00 बजे अपडेट किए गए आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 93,337 नए मामले सामने आए, जिसके साथ देश में कोविड-19 के कुल 53,08,014 मामले हो गए हैं. बीते 24 घंटे में 1,247 संक्रमितों की मौत हुई है जिसके साथ मृतक संख्या बढ़कर 85,619 हो गई. हालाकि, 24 घंटे में ही 95,880 लोग संक्रमणमुक्त हो गए हैं.

एक अच्‍छी बात यह है कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि भारत ने कोविड-19 रोगियों के स्वस्थ होने के मामले में ऐतिहासिक वैश्विक उपलब्धि हासिल करते हुए अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है और इस मामले में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है. देश में अब तक 42,08,431 कोविड-19 रोगी स्वस्थ हो चुके हैं, जो दुनिया के सभी देशों में संक्रमणमुक्त हुए रोगियों की सर्वाधिक संख्या है. देश में संक्रमण से स्वस्थ होने की दर करीब 80 प्रतिशत हो गई है, वहीं, संक्रमण से मृत्यु दर घटकर 1.61 प्रतिशत रह गई है.