नई दिल्ली: 17 जुलाई को दुनिया इस साल के आखिरी आंशिक चंद्रग्रहण का गवाह बनेगी. चूंकि गुरुपूर्णिमा की मध्यरात्रि चंद्रग्रहण की दुर्लभ खगोलीय घटना होगी. इस कारण अनेक मंदिरों में आरती-पूजन का समय भी बदलेगा. पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय के अनुसार 17 जुलाई को पड़ने वाला आंशिक चंद्र ग्रहण भारत के कुछ इलाकों को छोड़कर पूरे देश में देखा जा सकेगा. यह भारतीय समयानुसार दोहपर 1:31 बजे से शुरू होगा और शाम 4:20 बजे पर खत्म हो जाएगा. Also Read - भारत की चीन को दो टूक-देश के अभिन्‍न हिस्‍से हैं J&K, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश, रहे हैं और रहेंगे

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि आंशिक चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया धीरे-धीरे बढ़ती जाएगी और सबसे ज्यादा आंशिक चन्द्रग्रहण 3:01 बजे पर दिखाई देगा. आंशिक ग्रहण चार बजकर 30 मिनट पर समाप्त होगा. यह भारत में 16 और 17 जुलाई, बुधवार, 2019 की रात को दिखाई देगा. Also Read - भारत के पुल निर्माण से बौखलाया चीन, कहा- हम लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं देते

रिलीज ने आगे उल्लेख किया कि यद्यपि ग्रहण भारत के सभी स्थानों से शुरू से अंत तक दिखाई देगा, आंशिक ग्रहण का अंत अरुणाचल प्रदेश केसुदूर उत्तर-पूर्वी हिस्से में दिखाई नहीं देगा. इसमें कहा गया है कि आंशिक चंद्रग्रहण उत्तर पूर्व, अफ्रीका, यूरोप को छोड़कर उत्तर पूर्व स्कैंडिनेविया और अधिकांश दक्षिण अमेरिका को छोड़कर ऑस्ट्रेलिया, एशिया को कवर करने वाले क्षेत्र में दिखाई देगा. ग्रहण की कुल अवधि 2 घंटे 59 मीटर है. Also Read - अरुणाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री भी Coronavirus से हुए संक्रमित, संपर्क में आए लोगों से की यह अपील