नई दिल्ली: लोकसभा में पूर्वोत्तर राज्यों के अधिकतर राजनीतिक दलों ने नागरिकता संशोधन विधेयक का समर्थन किया, साथ ही आग्रह किया कि इस बारे में अगर आने वाले समय में कोई मुद्दा सामने आता है तब उनका भी चर्चा करके समाधान निकाला जाए. सिक्किम से एसकेएम पार्टी के इंद्र एच सुब्बा ने हालांकि कहा कि गृह मंत्री ने जब पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों को विधेयक से छूट देने की बात कही है तब उन्होंने सिक्किम की बात नहीं की. विधेयक के दायरे में सिक्किम को लाने का उनकी पार्टी विरोध करेगी.

नगालैंड से एनडीपीपी के सांसद तोखिहो येप्थोमी ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि नगालैंड को विधेयक के दायरे से बाहर रखने की बात कही गई है और इससे राज्य के लोगों की आशंकाएं दूर हुई हैं. मेघालय से एनपीपी पार्टी की अगाथा संगमा ने कहा कि विधेयक को पेश करने से पहले व्यापक चर्चा की गई है और इसके बाद महत्वपूर्ण बिन्दुओं का समाधान निकाला गया है. उन्होंने कहा कि इसके दायरे से मिजोरम, मेघालय सहित पूर्वोत्तर राज्यों को बाहर रखा गया है. फिर भी अगर आने वाले समय में अगर कोई मुद्दा सामने आता है तो उनका भी चर्चा करके समाधान निकाला जाए.

मिजोरम से एमएनएफ पार्टी के सी लालरोसांगा ने कहा कि उनकी पार्टी विधेयक का समर्थन करती है क्योंकि मिजोरम सहित पूर्वोत्तर राज्यों को विधेयक के दायरे से बाहर रखा गया है. मणिपुर के एनपीएफ पार्टी के लोरहो एस फोजे ने कहा कि मणिपुर के लोगों के मन में कई आशंकाएं थी लेकिन अब ये आशंकाएं दूर हो गई हैं. अब इस क्षेत्र में शांति रहेगी. असम से भाजपा के पल्लव लोचन दास ने कहा कि सरकार को असम के लोगों की भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए .

(इनपुट भाषा)