Delhi, NCR, rain, Weather, News: उत्‍तर भारत में पड़ रही कड़ाके की ठंड के बीच आज शनिवार को सुबह-सुबह दिल्‍ली-एनसीआर में हल्‍की बारिश हुई है. इससे और तेज ठंड पड़ने के आसार हैं. आज शनिवार को सुबह दिल्‍ली के गाजीपुर, जनपथ, यूपी बॉर्डर से लगे नोएडा समेत कई जगह हल्‍की बारिश हुई है. उत्‍तर भारत के पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्‍थान में कड़ाके की ठंड के साथ ही घना कोहरा पड़ रहा है.Also Read - IND vs NZ, 2nd Test: बारिश से धुल सकता है पहला दिन, जानिए कैसा रहेगा पिच का मिजाज

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भारत मौसम विभाग ने ताजा बयान में कहा है, हमारे पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर दिल्ली सहित उत्तर पश्चिम भारत पर शुरू हो गया है. पालम में 0.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. दिल्ली के रिज, अय्यनगर और लोदी रोड में बारिश हुई है. Also Read - DDE Corridor: दिल्ली से देहरादून सिर्फ 2.30 घंटे में, मेरठ से लेकर हरिद्वार तक चमकेगी बीच के शहरों की सूरत


बता दें कि आज अल सुबह मौसम विभाग ने बारिश से करीब 2 घटे पहले अलर्ट जारी किया था कि महेंद्रगढ़, कोसली, हांसी, तोशाम, रोहतक, जींद, सफीदों, पानीपत, गोहाना, करनाल, शामली, कैथल, देवबंद, सहारनपुर, नरवाना, बागपत, नारनौल में हल्की से मध्यम तीव्रता की बारिश होगी और आसपास के इलाकों में बारिश होगी.


बता दें कि मौसम विभाग ने शुक्रवार को कहा था, ”उत्तर पश्चिम भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों में शीतलहर चल रही है. पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पश्चिमी उत्तरप्रदेश और उत्तरी राजस्थान में अगले 24 घंटे के दौरान यही स्थिति रहेगी.

उत्तर प्रदेश में कोहरा छाए रहने के साथ ठंडी हवाएं चल रही हैं. मुरादाबाद में एक वाहन चालक ने बताया, “ठंड और कोहरा बहुत है. मैं दिल्ली से यहां 6 घंटे में पहुंचा हूं, सामान्य दिनों में सिर्फ 3:30-3:45 घंटे लगते हैं.”

अफगानिस्तान और इसके आसपास पश्चिमी विक्षोभ के कारण चक्रवाती प्रवाह बना है. अगले 48 घंटे के दौरान इसके मध्य पाकिस्तान की ओर बढ़ने की संभावना है. पश्चिमी विक्षोभ के परिणामस्वरूप हवा का कम दबाव दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में बना हुआ है.

मौसम विभाग ने कल अनुमान जताया था, ”इन प्रभावों के कारण चार-छह जनवरी के दौरान पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में बारिश या बर्फबारी का अनुमान है. जम्मू कश्मीर में भारी बारिश या बर्फबारी हो सकती है. इस अवधि में हिमालय के पश्चिमी क्षेत्र में कुछ जगहों पर ओले पड़ने की भी आशंका है.’’

बता दें कि नए साल के पहले शुक्रवार को दिल्ली में शीत लहर के प्रकोप के बीच न्यूनतम तापमान 15 साल में सबसे कम 1.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था और बेहद घने कोहरे के कारण दृश्यता शून्य हो गई थी.