कोच्चि: केरल सरकार ने बुधवार को बताया कि निपाह विषाणु की चपेट में आने वाले कॉलेज छात्र की स्थिति स्थिर है वहीं निगरानी में रखे गए पांच अन्य की स्थिति में सुधार हो रहा है. इन सबका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है. लोगों से कहा गया है कि घबराएं नहीं, लेकिन बुखार बढ़ने पर तुरंत डॉक्‍टर से सलाह लें. राज्य की स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा ने बताया कि विभिन्न जिलों से कुल 311 लोगों को निगरानी में रखा गया है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ”छात्र की स्थिति स्थिर बनी हुई है. यह बिगड़ी नहीं है. इससे एक दिन पहले ही पुष्टि हुई थी कि 23 वर्षीय छात्र निपाह विषाणु से संक्रमित है.

अस्पताल की तरफ से मंगलवार की रात जारी किए गए मेडिकल बुलेटिन में कहा गया है कि उसे 30 मई को भर्ती किया गया था और मरीज की हालत अब स्थिर है, धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और उसका बुखार कम हो रहा है. शैलजा ने कोच्चि में मीडियाकर्मियों से कहा कि कलमासेरी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में फिलहाल भर्ती पांच लोगों के नमूने जांच के लिए बुधावार सुबह पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान भेज दिए गए हैं.

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री शैलजा ने क‍हा, निपाह वायरस से पॉजिटिव मरीज को हॉस्‍प‍िटल में भर्ती कराया गया है. उसकी हालत स्थिर है. केवल 5 लोगों को इशोलेशन वार्ड में भर्ती किया है, इसमें एक पॉजिटिव पाया गया मरीज भी शामिल है.  शैलजा ने कहा कि केंद्र की एक पेशेवर टीम पहले से ही यहां मौजूद है और उनका मुख्य काम निपाह वायरस के स्रोत की पहचान करना है.

शैलजा ने कहा, “कुल 311 लोगों का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है और चार को छोड़कर शेष सभी की स्वास्थ्य विशेषज्ञ उनके घरों में ही देखरेख कर रहे हैं. अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इन 311 में से कितने लोग निपाह वायरस से पीड़ित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आए थे.”

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा, “अलग किए गए पांच लोगों के नमूने विभिन्न प्रयोगशालाओं में भेज दिए गए हैं और उनकी जांच रिपोर्ट कल (गुरुवार) या उसके अगले दिन आ सकती है. प्राथमिक जांच में इन पांच लोगों में से कोई भी गंभीर अवस्था में नहीं पाया गया, लेकिन हम अंतिम परिणाम आने तक इंतजार करेंगे.”

युवक की जांच रिपोर्ट मंगलवार को आ गई थी, जिसमें वह निपाह पॉजिटिव पाया गया था. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में व्यापक अभियान छेड़ा हुआ है.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, उनकी सेहत की प्रारंभिक जांच दिखाती है कि वह गंभीर स्थिति में नहीं हैं. उनका स्वास्थ्य कल से बेहतर है. लेकिन चिकित्सक उन पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. हमारा मानना है कि उनके रक्त नमूनों की जांच के परिणाम निगेटिव आएंगे. लेकिन अंतिम परिणाम आने तक हमें इंतजार करना चाहिए.

शैलजा चिकित्सीय विशेषज्ञों एवं शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने कहा कि निपाह का इलाज तभी शुरू किया जाएगा, जब उनके ब्लड टेस्ट से पुष्टि होती है कि वे इस संक्रमण की चपेट में आए हैं.  जांच परिणाम गुरुवार शाम तक आने की उम्मीद है.