पटना: भाजपा नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की ओर से दायर मानहानि के मामले में शनिवार को एक अदालत में पेशी के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी को जमानत मिल गयी. कुछ दिन पहले मुंबई की एक अदालत ने कहा था कि आरएसएस के खिलाफ आरोप के लिए कांग्रेस नेता पर मुकदमा चलेगा.

 

राहुल ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार और भाजपा-आरएसएस के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया और लेकिन वह अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. कांग्रेस नेता ने सांसदों और विधायकों के मुकदमे के लिए बनी विशेष अदालत के न्यायाधीश अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुमार गुंजन के सामने आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उन्हें जमानत दे दी गयी. सुशील मोदी के अधिवक्ता शंभू प्रसाद ने कहा कि अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए आठ अगस्त की तारीख निर्धारित की है .

प्रसाद ने बताया कि हमने उनकी जमानत का विरोध नहीं किया. अदालत ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में बताने को कहा और पूछा कि क्या वह दोष स्वीकार करेंगे. उन्होंने कहा कि प्रतिवादी ने ना कहा और मामले की सुनवाई आठ अगस्त के लिए निर्धारित की गयी. अदालत परिसर से रवाना होने से पहले राहुल ने पत्रकारों से कहा कि वह देश के गरीबों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि मैं देश के गरीब, किसानों और श्रमिकों के लिए लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हूं. मैं यहां उनके प्रति एकजुटता व्यक्त करने के लिए आया हूं.

राहुल ने कहा कि जो भी मोदी सरकार, भाजपा..आरएसएस के खिलाफ खड़ा होता है उसके खिलाफ अदालती मामले दायर करके निशाना बनाया जाता है. लेकिन मेरी लड़ाई जारी रहेगी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने गत अप्रैल में राहुल के खिलाफ मानहानि का मामला दायर किया था. सुशील मोदी ने उक्त मामला राहुल द्वारा यह टिप्पणी करने पर आपत्ति जताते हुए दायर किया था कि सभी चोरों के उपनाम मोदी क्यों हैं? गांधी का इशारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बैंक धोखाधड़ी के आरोपी नीरव मोदी और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी की ओर था.

कांग्रेस नेता राहुल की अदालत में इस पेशी से कुछ दिन पहले उन्होंने और माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने मुम्बई की अदालत में आरएसएस के एक कार्यकर्ता द्वारा दायर मानहानि के एक अन्य मामले में स्वयं को निर्दोष बताया था. हवाई अड्डे पर राहुल के पहुंचने पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा समेत कई वरिष्ठ नेता उनके स्वागत के लिए मौजूद थे. हवाई अड्ड से वह सीधे अदालत परिसर गए. कांग्रेस के कई कार्यकर्ता पटना अदालत के बाहर प्रदर्शन करते हुए देखे गए. प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं की मांग थी कि राहुल गांधी पार्टी अध्यक्ष पद से दिया अपना इस्तीफा वापस लें. कुछ प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि अगर राहुल नहीं माने तो वे ऐतिहासिक सदाकत आश्रम के बाहर आत्मदाह कर लेंगे. सदाकत आश्रम में प्रदेश कांग्रेस का मुख्यालय है.