श्रीनगर: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के नेता व पूर्व मंत्री अल्ताफ बुखारी ने शनिवार को कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों -महबूबा मुफ्ती व उमर अब्दुल्ला पर सार्वजनिक सुरक्षा अधिनिनय (पीएसए) लगाना ‘अलोकतांत्रिक’ है. बुखारी ने मुख्यमंत्रियों की हिरासत को खत्म करने की मांग की. बुखारी ने कहा, “लोकतंत्र में पीएसए के तहत राजनीतिक प्रतिनिधियों को हिरासत में रखने की कोई जगह नहीं है.”

बुखारी ने कहा कि हिरासत में रखे गए नेताओं को रिहा किया जाना चाहिए और राजनीतिक गतिविधियां करने की अनुमति दी जानी चाहिए.पूर्व जम्मू-कश्मीर राज्य के तीन मुख्यमंत्रियों को अनुच्छेद 370 के 5 अगस्त को रद्द किए जाने के बाद से हिरासत में रखा गया है. बुखारी पहले कश्मीरी नेता हैं, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि यह अनुच्छेद 370 से आगे बढ़ने का समय है और राजनीतिक उद्देश्यों के लिए काम करने का समय है.

बीते महीने बुखारी के नेतृत्व में राजनेताओं के एक समूह ने उपराज्यपाल जी.सी. मुर्मू से मुलाकात की और केंद्र शासित प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियों के बहाली के लिए उपायों का एक ज्ञापन प्रस्तुत किया. उन्होंने निवासियों के स्थायी निवास के अधिकारों के बहाली की मांग की. समूह ने अनुच्छेद 370 के रद्द होने के बाद हिरासत में लिए गए सभी लोगों की रिहाई की मांग की, जिसमें तीन मुख्यमंत्री भी शामिल हैं.