श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में सत्तारूढ़ पीडीपी के एक वरिष्ठ नेता ने आज कथित रूप से यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि कश्मीर में स्थानीय आतंकवादियों की हत्या पर शोक प्रकट करने पर कोई रोक नहीं है. Also Read - ED के सामने पेश हुईं महबूबा मुफ्ती, बोलीं- विपक्ष को चुप कराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है

पीडीपी के प्रमुख प्रवक्ता रफी अहमद मीर ने यहां संवाददाताओं से कहा, चाहे सीआरपीएफ का जवान हो….या स्थानीय आतंकवादी, शोक प्रकट करने पर कोई रोक नहीं है. हालांकि, यह सुरक्षा स्थिति पर निर्भर करता है, कई बार हम जा सकते हैं और कई बार नहीं. उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले भी पार्टी की सुरक्षाबलों के अभियान में मारे गये स्थानीय आतंकवादियों के परिजनों से मिलने की नीति थी. Also Read - भारत-पाकिस्तान में मेल-मिलाप की प्रक्रिया कश्मीर से शुरू होनी चाहिए: महबूबा मुफ्ती

मीर ने बताया, ‘PDP की नीति रही है. जब कोई आतंकी मारा जाता था, मैं उसके परिवार से मिलकर शोक जाहिर किया करता था और उस दौरान पार्टी प्रमुख भी यही किया करता. जो भी मरता है, वो ईश्वर के सामने होता है.’ सोपोर में IED ब्लास्ट हमले (जिसमें चार पुलिस जवान शहीद हुए) पर PDP प्रवक्ता ने कहा, ‘जब भी कोई पुलिसकर्मी मारा जाता है या कोई स्थानीय आतंकी, ये दोनों ही दुर्भाग्यपूर्ण है और हम इसकी आलोचना करते हैं.’ Also Read - मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती को 15 मार्च को किया तलब

सोपोर ब्लास्ट पर दुख व्यक्त करते हुए मीर ने कहा, ‘वो एक हृदय विदारक घटना थी. हमें उम्मीद थी कि हालात बेहतर हो रहे हैं, लेकिन हमें ऐसा झटका लगा. ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. वो हमारे अपने बेटे थे.