नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकों की जासूसी करने के लिए पेगासस स्पाइवेयर के कथित दुरुपयोग की जांच की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई अगले सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी. केंद्र ने शीर्ष अदालत को सूचित किया कि वह इस मामले में एक विस्तृत हलफनामा दायर करेगा. प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) एन. वी. रमना की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने पिछले महीने याचिकाओं पर केंद्र को नोटिस जारी किया था, लेकिन तब यह स्पष्ट कर दिया था कि वह नहीं चाहती कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने वाली किसी भी चीज का खुलासा करे.Also Read - Pegasus Snooping Controversy: सोमवार को पेगासस जासूसी मामले पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट, जानिए क्या बोली सरकार

करीब एक दर्जन याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनमें एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया द्वारा दायर एक याचिका भी शामिल है, जिसमें पेगासस जासूसी के आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है. पीठ में सीजेआई के अलावा न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना भी शामिल थे. केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया कि कुछ कठिनाइयों के कारण पीठ द्वारा मांगा गया हलफनामा दायर नहीं किया जा सका है. Also Read - पेगासस जासूसी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में बोली सरकार, 'जांच की मांग संबंधी याचिकाएं ‘अटकलों’ पर आधारित

दरअसल पेगासस जासूसी मामले पर केंद्र सरकार को मंगलवार सुप्रीम कोर्ट में हफनामा दायर करना था, लेकिन सरकार की ओर से इसे दायर नहीं किया गया. केंद्र सरकार की ओर से पेश मेहता ने बताया कि कुछ कारणों से हलफनामा अभी दाखिल नहीं हो पाया है. मेहता ने शीर्ष अदालत से इस पर अपनी रिपोर्ट देने के लिए समय की मांग की, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने एक हफ्ते के लिए सुनवाई टाल दी. मामले की अगली सुनवाई अब 13 सिंतबर को होगी. मेहता ने शीर्ष अदालत से मामले को गुरुवार या सोमवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया. Also Read - Video: संसद में कल विपक्षी सांसदों और मार्शलों के बीच क्‍या हुआ, ये CCTV फुटेज देखें

मेहता ने कहा कि हलफनामा दाखिल करने के मामले में कुछ परेशानी है. कुछ अधिकारी मिल नहीं पाए हैं और इस कारण हम अभी स्टैंड नहीं समझ पाए हैं ऐसे में सुनवाई कुछ वक्त के लिए टाली जानी चाहिए.

पीठ ने कहा कि केंद्र इस मामले में पहले ही एक छोटा हलफनामा दाखिल कर चुका है. मेहता ने जवाब दिया कि चूंकि शीर्ष अदालत ने मामले में नोटिस जारी किया था, इसलिए अधिक विस्तृत प्रतिक्रिया दायर की जाएगी.

वरिष्ठ पत्रकार एन. राम का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि उन्हें मेहता के अनुरोध पर कोई आपत्ति नहीं है. मामले में संक्षिप्त सुनवाई के बाद पीठ ने मामले को सोमवार को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया.

16 अगस्त को, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से याचिकाकर्ताओं की दलीलों को संबोधित करते हुए एक विस्तृत हलफनामा पेश करने को कहा था, चाहे सरकार ने पेगासस को खरीदा या इसका इस्तेमाल किया, या इसका बिल्कुल भी उपयोग नहीं किया गया, इस संबंध में केंद्र को अपना जवाब दाखिल करना है. केंद्र ने शीर्ष अदालत को सूचित किया था कि किसी भी गलत आख्यान को फैलाने के लिए, वह क्षेत्र के विशेषज्ञों की एक समिति का गठन करेगा, जो इस मुद्दे के सभी पहलुओं पर गौर करेगी.”