देश में 500 और 1,000 रुपये के नोटों को मंगलवार आधी रात से अवैध घोषित किए जाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद बुधवार को मदर डेयरी और पेट्रोल पंपों पर लोगों की भीड़ देखी गई। कई जगहों पर 100-100 के नोट खत्म हो गए। पेट्रोल पंपों और डेयरी संचालकों को लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। कई जगह लेनदेन को लेकर लोगों में झगड़ा भी हुआ।

प्रधानमंत्री ने विमुद्रीकरण से संबंधित अपने ऐलान में कहा था कि ऐसे नोट मंगलवार आधी रात के बाद 72 घंटे के लिए पेट्रोल पंपों और डेयरी बूथों पर स्वीकार किए जाएंगे।

शहर के एक पेट्रोल पंप मालिक बृज भूषण ने आईएएनएस से कहा, “अधिकांश लोग 1,000 रुपये के नोट देकर 100-200 रुपये का डीजल या पेट्रोल मांग रहे हैं। हमारे पास पहले ही खुले खत्म हो गए हैं। लेकिन लोगों की लंबी कतार खत्म नहीं हो रही है। सरकार को इतना बड़ा फैसला लागू करने से पहले हमें पर्याप्त मात्रा में खुले, खासकर 100-100 रुपये के नोट देने चाहिए थे।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस घोषणा का जहां कुछ लोगों ने स्वागत किया है, वहीं कुछ ने इसकी आलोचना करते हुए इसे ‘उत्पीड़न’ करार दिया है।

एक डेयरी बूथ के मालिक ब्रजेश कुमार ने कहा, “मेरे पास खुले खत्म हो गए हैं। मुझे मजबूरन लोगों को वापस जाने के लिए कहना पड़ रहा है।”

एटीएम भी बंद पड़े हैं और 100-100 रुपये के नोट खत्म हो गए हैं। ऐसे में छोटे-छोटे वेंडरों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

सड़क किनारे खानपान की दुकान चलाने वाले स्वदेश ने कहा, “अन्य दिनों के मुकाबले आज मेरी कमाई अच्छी नहीं रही। लोग खुले लेकर नहीं आ रहे हैं। वे मुझे 500 और 1,000 रुपये के नोट दे रहे हैं, लेकिन मैं गरीब आदमी हूं और मैं इतने लोगों को खुले पैसे कैसे दे सकता हूं। इससे मेरी आजीविका प्रभावित हो रही है।”

इस फैसले से जहां छोटे व्यापारी और दुकानदार परेशान हैं, वहीं कुछ इसका इस्तेमाल पैसे बनाने के लिए कर रहे हैं। कुछ छोटे जनरल व प्रोविजनल स्टोर 500 और 1,000 रुपये के नोट बदलने के लिए 50-100 रुपये ले रहे हैं।