नई दिल्ली। तमिलनाडु में मच रहे राजनीतिक खींचतान के बीच दिवंगत जयललिता की भतीजी दीपा जयकुमार सामने आईं। दीपा ने मीडिया के सामने आकर कहा कि तमिलनाडु में अस्थिरता का माहौल है और जनता इन सबसे परेशान है। दीपा ने कहा कि जयललिता जिस दिन से अस्पताल में भर्ती थीं उसी दिन से मैं अस्पताल प्रशासन से अंदर जाने की गुहार लगाती रही लेकिन मुझे इसकी इजाजत नहीं दी गई। अस्पताल प्रशासन ने मुझसे संपर्क करने की भी जरूरत नहीं समझी।

शशिकला नटराजन को पार्टी विधायक दल का नेता चुना गया है और वह राज्य की अगली सीएम बनने जा रही हैं। हालांकि उनकी शपथग्रहण समारोह तय कार्यक्रम के वक्त नहीं हो सका। जयललिता की भतीजी दीपा ने शशिकला पर कहा कि 33 साल तक पार्टी के लिए काम करना ही मुख्यमंत्री पद की योग्यता नहीं हो सकती है। दीपा ने कहा कि लोग शशिकला से डरते होंगे, मैं नहीं। दीपा ने कहा कि यह दुख की बात है। लोगों ने उनके (शशिकला नटराजन) के लिए वोट नहीं किया है।

वहीं, जयललिता की पार्टी एआईएडीएमके के भीतर ही शशिकला नटराजन (चिनम्मा) को सीएम बनाने की मुहिम तेज होती दिखाई दे रही है। पार्टी नेता केए सेनगोट्टियां ने कहा कि कोई भी चिन्नमा को मुख्यमंत्री बनने से नहीं रोक सकता है। सेनगोट्टियां ने पीएच पांडियन पर भी कंज कसा और कहा कि उनके परिवार के 5 लोग पार्टी के अलग अलग पदों पर हैं लेकिन फिर भी वह दुविधा का माहौल पैदा कर रहे हैं। बता दें कि एआईएडीएमके के संस्थापक नेता पीएच पांडियन ने पार्टी पर मंगलवार को तीखे हमले किए। पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की मृत्यु पर संदेह प्रकट करते हुए पांडियन ने कहा कि यह पाकृतिक वजहों से नहीं हो सकती है। पांडियन ने पार्टी महासचिव के रूप में शशिकला के चयन और फिर विधायक दल का नेता बनाए जाने पर भी प्रश्न उठाए। (पढ़ें पूरी खबर)

पार्टी के ही एक और नेता पीएस रामचंद्रन ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि सरकार ने जानकारी नहीं दी है, इसका मतलब ये नहीं है कि इसमें (शपथ ग्रहण) देरी हो गई है। यह सरकार और एआईएडीएमके की सहूलियत का प्रश्न है। रामचंद्रन ने कहा हमने अपने स्थिति के बारे में राज्यपाल को बता दिया है। अब यह उनके ऊपर है कि कब वक्त निकालते हैं। हम उन्हें मजबूर नहीं कर सकते हैं। जयललिता को जहर दिए जाने के दावों पर रामचंद्रन ने कहा कि सिर्फ डॉक्टर ही इसपर कुछ कह सकते हैं, यह आरोप पूरी तरह से मनगढ़ंत हैं।

जयललिता को अस्पताल में ए़डमिट करने के वजहों की जांच होः पांडियन
तमिलनाडु विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष पी.एच.पांडियन तथा उनके बेटे व पूर्व सांसद मनोज पांडियन ने मंगलवार को प्रदेश की दिवंगत मुख्यमंत्री जे.जयललिता को अस्पताल में भर्ती किए जाने के कारणों की जांच की मांग की। दोनों (पांडियन) सत्ताधारी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के सदस्य हैं। मनोज पांडियन ने यह भी दावा किया कि जयललिता ने उनसे एक बार कहा था कि उन्हें जहर देकर मारा जा सकता है।

बाप-बेटे दोनों ने एआईएडीएमके की महापरिषद द्वारा वी.के.शशिकला का चुनाव पार्टी के महासचिव के रूप में करने की वैधता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी के
नियमों के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति का महासचिव पद पर निर्वाचन केवल पार्टी के सदस्यों द्वारा किया जा सकता है। पी.एच.पांडियन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि जयललिता को अस्पताल में भर्ती किए जाने के कारणों की जांच होनी चाहिए। जयललिता का पांच दिसंबर को निधन हो गया था।

अस्पताल में भर्ती किए जाने के दिन आवास पर उनके (जयललिता) जमीन पर गिरने की खबरों का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जयललिता ने एक बार कहा था कि उनके निधन के बाद उनकी सारी संपत्ति लोगों में बांट दी जानी चाहिए और यह काम उन्हें (पांडियन) करना होगा। मनोज पांडियन के मुताबिक, पार्टी के नियमों में अंतरिम महासचिव का कोई प्रावधान नहीं है और उनके द्वारा लिए गए सभी फैसले कानूनन अवैध हैं।